बस में सफ़र कर रही थी 8 महीने की गर्भवती महिला को नहीं दी किसी ने सीट, फिर हुआ ये हादसा - वायरल इन इंडिया - Viral in India - NEWS, POLITICS, NARENDRA MODI

बस में सफ़र कर रही थी 8 महीने की गर्भवती महिला को नहीं दी किसी ने सीट, फिर हुआ ये हादसा

आज के समय पर लोगों को अपने काम से ही मतलब होता है। उनको बस अपना काम बनता भाड़ में जाए जनता वाला हिसाब है। लोग अपनी ही दौड़ में ऐसे लगे हुए है कि उनको किसी के दुख और सुख से मतलब ही नहीं है। यही कारण है कि आए दिन सोशल मीडिया में अक्सर ऐसी तस्वीरें और वीडियों आती है जिनको देखकर किसी भी इंसान का दिल पिघल जाएं।

लेकिन आज की जनता के पास किसी का दुख और किसी के मुसीबत की घड़ी में साथ देना पसंद नहीं है। आपको बता दें कि लोगों को अपने काम की इतनी जल्दी है कि वे किसी की मदद भी करने के लिए तैयार नहीं होते है।

अगर किसी व्यक्ति के साथ रोड में हादसा भी हो जाता है तो लोगों को उससे कोई मतलब नहीं होता है। कोई भी इंसान उस आदमी की मदद करने के लिए आगे नहीं आता है। ऐसी ही वारदात के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे है।

इस घटना ने एक बार फिर मानवता का सिर शर्म से झुका दिया है। आपको बता दें कि ये मामला केरल का है जहां एक 8 महीने की गर्भवती महिला की मौत सिर्फ इस वजह से हो गई कि उसको बस में किसी ने बैठने के लिए सीट नहीं दी। जी हां सुनकर आया ना आपको भी गुस्सा!! आखिर कैसे लोग है जो जरुरतमंद को अपनी सीट तक देना पसंद नहीं करते। आइए जानते है क्या था पूरा मामला।

गर्भवती को नहीं दी बैठने के लिए सीट

ये पूरा मामला केरल के इराट्टुपेट्टा की रहने वाली नदिशा का है जो 8 महीने से गर्भवती थी। कुछ समय पहले ही वो अपने चेकअप के लिए जांच केद्रं गई थी। वहीं चेकअप पूरा होने के बाद उसने घर वापस आने के लिए बस पकड़ी।

लेकिन आपको बता दें कि बस सवारियों से पूरी तरह भरी हुई थी और बैठने के लिए सीट भी खाली नहीं थी। गैर करने वाली बात ये है कि र्गभवती महिला हालत को देखकर बस में बैठे किसी भी शख्स को उसको देखकर दया नहीं आई और ना ही उसको किसी ने अपनी सीट दी।

जिस वजह से नदिशा को बस के दरवाजे के पास ही खड़ा होना पड़ा था। लेकिन लापरवाही की हद इतनी थी कि बस का चलते समय भी दरवाजा खुला हुआ था।

इसके बाद जब आगे चलकर ड्राइवर ने यूटन लिया तो नदिशा का बैलेंस बिगड़ा और वो नीचे गिर गई। नदिशा के सिर में चोट आई लेकिन जब उसको अस्पताल ले जाया गया तब उसकी मौत हो गई लेकिन उसके पेट में पल रहे नवजात को बचा लिया गया।

पुलिस ने किया ड्राईवर को गिरफ्तार

इस दर्दनाक घटना के बाद पुलिस ने बस के ड्राइवर को हिरासत में ले लिया। जिसके बाद पुलिस ने उसके ऊपर धारा 279 और 304 के तहत केस दर्ज किया हैं। आपको बता दे कि केरल सरकार के नए मोटर वाहन अधिनियम के तहत बस में एक सीट गर्भवती महिला के लिए रिजर्व होनी जरूरी हैं। अगर बस में ये नियम का पालन किया होता तो आज नादिशा की यूं दर्दनाक मौत नहीं होती।

अपनी प्रतिक्रिया नीचे कमेंट में छोड़े

Close