भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने लगायी मीडिया को फटकार, और कांग्रेस के अच्छे काम भी बताये…

प्रणब मुख़र्जी का कार्यकाल जिस समय समाप्त हुआ था उस समय कई बीते पल याद किये गये जिसमे उनका कांग्रेस पार्टी के साथ का सफ़र और नरेद्र मोदी की पार्टी में बतौर राष्ट्रपति |

एक राष्ट्रपति के तौर पर मुखर्जी ने नरेंद्र मोदी के कई फैसलों पर साथ दिया और जब कही भी उन्होंने सच कहा और प्रशासन की खामिया गिनाई तो उनकी कीरकिरी भी हुई | बहरहाल जिस समय उनका राष्ट्रपति शासन काल समाप्त हो रहा था उन्होंने मीडिया को इंटरव्यू दिए जिसमे उन्होंने आने वाले चुनावों को लेकर कांग्रेस के बारे में कहीं अहम् बाते |

ऐसा देखा गया है की मीडिया कांग्रेस को निशाना बनाती आई है और उस पर भ्रष्टाचार से लेकर गन्दी राजनीति करने का भांडा भी फोडती आई है | लेकिन इस बार प्रणब मुख़र्जी ने साफ़ तौर पर मीडिया को कटघरे में खड़े करते हुए लगायी फटकार!

प्रणब मुखर्जी ने कहा ‘मीडिया कांग्रेस की गलत छवि पेश न करे’

साल 2019 का चुनाव नज़दीक आ रहा है जिसे लेकर तैयारिया शुरू हो चुकी है | इसी दौरान मीडिया प्रणब से इस संदर्भ में सवाल करता है जिसके जवाब में वे कहते है की मीडिया को चाहिए कि वह कांग्रेस को निशाना नहीं बनाए |

इसके अतिरिक्त प्रणब मुखर्जी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सोनिया गांधी के इशारे पर काम करने के आरोप को भी सिरे से खारिज कर दिया | गौरतलब है की मनमोहन सिंह को अबतक सोनिया गाँधी की कटपुतली कहा जाता रहा है |

जब उनसे कांग्रेस की वापसी को लेकर पुछा गया तो उन्होंने कहा यह कहना बिल्कुल गलत है कि 132 साल पुरानी पार्टी फिर से सत्ता में वापसी नहीं करेगी | उनकी इस बात से साफ़ दीखता है की कांग्रेस जितनी पुरानी है देश के लिए उतनी ज़रूरी भी |

प्रणब मुखर्जी की किताब के वो अंश जिसमे उन्होंने अपने और सोनिया गांधी के बारे में बताई ये बात

अपनी किताब में प्रणब मुखर्जी ने 2012 के राष्‍ट्रपति चुनाव से पहले के घटनाक्रम पर खास तौर पर प्रकाश डाला है | इसी सिलसिले में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से 2 जून 2012 की मुलाकात का खास तौर पर जिक्र किया है |

मुलाकात में सोनिया गांधी ने कहा, ‘प्रणबजी आप इस पद के लिए सबसे योग्‍य शख्‍स हैं, लेकिन आपको ये नहीं भूलना चाहिए कि सरकार चलाने में आपकी भूमिका बेहद अहम है | लिहाजा कोई वैकल्पिक नाम सुझाएं |’

इस वाकये के बारे में प्रणब मुखर्जी ने बताया है, ‘मीटिंग खत्‍म होने के बाद मुझे लगा कि सोनिया गांधी यूपीए के राष्‍ट्रपति पद के प्रत्‍याशी के लिए मनमोहन सिंह के नाम पर विचार कर रही हैं | मैंने सोचा कि यदि मनमोहन सिंह को राष्‍ट्रपति बनाया जाएगा, तो वह मुझे प्रधानमंत्री पद के लिए चुन सकती हैं |’

आज तक की खबर के मुताबिक प्रणब मुखर्जी ने मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाये जाने के फैसले को सही बताया है| उनका कहना है कि वो निराश नहीं हुए और मान लिये कि वो प्रधानमंत्री पद के लायक नहीं थे क्योंकि वो राज्य सभा के सदस्य थे, वो हिंदी नहीं जानते थे | प्रणब मुखर्जी का कहना है कि प्रधानमंत्री बनने के लिए हिंदी जानना बेहद जरूरी है |

वो रिमोट कंट्रोल नहीं थे!

2014 के लोक सभा चुनाव और उसके बाद भी बीजेपी का आरोप रहा है कि कांग्रेस के सत्ता में होने के दौरान पीएमओ तक रिमोट से कंट्रोल होता रहा | इसके अलवा मीडिया भी बीजेपी की हा में हा मिलाता रहा की मनमोहन सिंह इंडिपेंडेंट नही थे, लेकिन प्रणब मुखर्जी ने इसे सिरे से ख़ारिज किया |

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ऐसी बातों से जरा भी इत्तेफाक नहीं रखते | इंडिया टुडे के साथ इंटरव्यू में उन्होंने ये मानने से इंकार कर दिया कि प्रधानमंत्री होते हुए भी मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी के नियंत्रण में रहे | प्रणब दा के जीवन के बारे में जानने के लिए विडियो ज़रूर देखे!

देखिये वीडियो:-

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