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अगर कभी आपने किसी न्यूज़ चैनल या कही देखा होगा तो पाया होगा कि हमारे देश के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और सभी राज्यों के राज्यपाल सहित कई VVIP की कारों पर गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट नहीं होती है.

VVIP की कारों से ग़ायब होती हैं नंबर प्लेट

ऐसे में यक़ीनन आपके मन में ये सवाल आया होगा कि जब देश के कानून के मुताबिक़ हर वाहन पर नंबर प्लेट होना जरूरी है तो फिर राष्ट्रपति की कार पर नंबर प्लेट क्यों नही होता है.

आखिर ऐसा क्यों होता है कि VVIP की गाड़ियों से नंबर प्लेट ग़ायब होती है? आखिर राष्ट्रपति के लिए अलग कानून क्यों है?

तो मित्रों आज हम आपके इन्ही सवालों के जवाब देते हुए आपको बताएँगे कि आखिर राष्ट्रपति की कार पर नंबर प्लेट क्यों नही होती और यकीन मानिए आप इसके पीछे की वजह जानकर हैरान हो जाएंगे.

क्या है नम्बर प्लेट का कानून?

अगर कोई आम आदमी अपनी गाड़ी को बिना रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट के बाहर लेकर निकले तो क्या होगा? कभी सोचा है, यक़ीनन हमारी गाड़ी पुलिस जब्त तो कर ही सकती हैं साथ ही चालान कटेगा सो अलग.

लेकिन देश के महामहिम राष्ट्रपति के लिए ये कानून कुछ अलग है.

बता दें कि राष्ट्रपति के पास 14 ऐसी गाड़ियां होती हैं, जिन पर नंबर प्लेट नहीं लगी होती.

अब शायद आप ये सोच रहे होंगे कि देश के राष्ट्रपति को किस कानून के तहत ये छूट दी गई है?

तो आइए आपको राष्ट्रपति की कार पर नंबर प्लेट क्यों नही होती है इसके पीछे का गणित भी समझाते हैं.

रजिस्ट्रेशन नम्बर लेना होता हैं हर गाड़ी के लिए अनिवार्य

जैसा सभी जानते हैं कि किसी भी गाड़ी को सड़क पर चलाने के लिए सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन की जरूरत होती है, जिसे खुद सरकार जारी करती है.

इसे RC भी कहा जाता है.

यही अनोखा रजिस्ट्रेशन नंबर आपकी गाड़ी के नम्बर प्लेट पर लिखा होता है.

यह रजिस्ट्रेशन नम्बर राज्यों के हिसाब से बटा होता है जैसे-दिल्ली में DL, चंडीगढ़ में CH, उत्तर प्रदेश में UP, उत्तराखंड में UK, पंजाब में PB और बिहार में BR से शुरू होता है.

एक गाड़ी का रजिस्ट्रेशन 15 साल के लिए मान्य होता है.

कानून के अनुसार रजिस्ट्रेशन नंबर के बिना कोई भी गाड़ी सड़क पर नही चल सकती.

लेकिन, राष्ट्रपति की कार पर नंबर प्लेट लगाने को लेकर कानून थोड़ा अलग है.

राष्ट्रपति की गाड़ी पर इसलिए नहीं होती नंबर प्लेट

जानकारी के लिए बता दें कि भारत के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से गाड़ी खरीदने पर उसका रजिस्ट्रेशन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मान्य होता है.

आपने जिस राज्य से गाड़ी खरीदी है उस राज्य को छोड़कर किसी और राज्य में उसे 12 महीने से ज्यादा समय से चला रहे है तो आपको उसी राज्य में अपनी गाड़ी का फिर से रजिस्ट्रेशन कराना होता है.

लेकिन जब बात राष्ट्रपति की आती हैं तो ब्रिटिश सिस्टम के मुताबिक ‘किंग कैन डू नो रॉन्ग’ यानि एक राजा कभी भी गलत नहीं कर सकता.

और इसी वजह से राष्ट्रपति के साथ-साथ अन्य माननीयों की गाड़ियों पर रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं होता.

ब्रिटिश सिस्टम को मानते हुए राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपाल सहित तमाम वीवीआइपी की कारों पर नंबर प्लेट नहीं लगाया जाता है.

निष्कर्ष

गौरतलब हैं कि सालों से ये नियम ऐसे ही चलते आ रहा है लेकिन अब करीब 60 साल बाद हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस संबंध में दिल्ली हाई कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर इन गाड़ियों पर भी नम्बर प्लेट लगाने की मांग की है. ऐसे में देखना होगा कि ये नियम बदलता हैं या नहीं.

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