ज्ञान- अखबार में चार रंगीन बिंदुओं का क्या मतलब होता हैं...? - वायरल इन इंडिया - Viral in India - NEWS, POLITICS, NARENDRA MODI

ज्ञान– अखबार में चार रंगीन बिंदुओं का क्या मतलब होता हैं…?

अखबार पढ़ते समय नीचे नज़र आते चार रंगीन बिन्दुओं को हर कोई जाने-अनजाने में नज़रअंदाज कर देता हैं, लेकिन इसके पीछे की वजह जानकर आप सोच में जरुर पढ़ जाएंगे.

हम अक्सर अपने जीवन की कई छोटी-छोटी चीजों या घटनाओं को देख कर अनदेखा कर देते है या फिर उसके बारे में सवाल-जबाव नहीं करते हैं.

जैसा सभी जानते हैं कि आज हर कोई अखबार के जरिये पूरी दुनिया में हो रही विभिन्न घटनाओं की जानकारी प्राप्त करता है.

लेकिन अगर आपने भी कभी अखबार देखा हो तो उसके नीचे की तरफ स्थित चार रंगीन बिन्दुओं पर ध्यान जरुर दिया होगा.

अखबार के नीचे दिए जाते हैं 4 रंगीन बिन्दु


हम अक्सर अखबार पढ़ते वक्त इन रंगीन बिन्दुओं को तो देखते हैं लेकिन हम में से अधिकांश लोग इस बात से अनजान हैं कि इन चार रंगीन बिन्दुओं का मतलब क्या है या इतने बड़े अखबार में इन छोटी बिन्दियों का क्या काम है. ?

तो दोस्तों आज हम आपको इसी जानकारी के बारे में कुछ ऐसा बताएँगे जिसे जानकार यकीन मानिए आपकी आँखे फटी की फटी रह जायेंगी.

तो चिलये जानते हैं कि आखिर ये रंगीन बिंदी अखबार में क्यों दी जाती हैं, इनका क्या अर्थ है.?

अखबार में चार रंगीन बिंदुओं का क्या मतलब होता हैं?


जैसा सब जनते हैं कि पहले के समय में अखबारों को काला और सफेद रंग में ही मुद्रित किया जाता था.

जिसका मतलब पहले अखबार केवल ब्लैक और वाइट में प्रिंट होते थे.

लेकिन बदलते समय और टेक्नोलॉजी आने के बाद अब हर अखबार उसे आकर्षक बनाने के लिए रंगीन विज्ञापन, कुछ रंगीन फोटो आदि का इस्तेमाल करते है.

जिसके चलते इन सभी आकर्षित चीज़ों को देख आप अखबार के कुछ हिस्सों पर ध्यान नहीं दे पाते है.

परन्तु हर अखबार में चार रंगीन बिंदियां होती हैं, जो कई बार अलग होती है या फिर ये कुछ अखबारों के कोने में होती हैं.

ऐसे में इनको अख़बारों में क्यों दिया जाता है, आज हम आपको इसी सवाल का हैरान करने वाला जवाब देंगे.

अखबार में रंगीन बिंदियों का गणित:- 


जैसे की हम सबको पता हैं कि सभी रंगों में से मुख्य तौर पर केवल तीन रंग हो होते हैं.

जिनमे लाल, पीला और नीला शामिल है.

कलर प्रिंटर में भी यही पैटर्न इस्तेमाल किया जाता है.

लेकिन इन सभी में एक अन्य रंग काला भी जोड़ा जाता है.

ये चार बिंदिया CMYK क्रम में बनी होती हैं.

क्या होता हैं CMYK क्रम:- 


C = Cyan (प्रिंटिंग में इसका मतलब है नीला)

M = Magenta (गुलाबी)

Y = Yellow (पीला)

K = Black (काला)

जानकारी के लिए बता दें कि इन्ही चार रंगों के सही अनुपात को जोड़कर कोई भी रंग को प्राप्त किया जा सकता है.

ऐसे में एक इमेज को प्रिंट करने के लिए भी इन्ही सभी रंगों की प्लेटें एक पेज पर अलग से रखी जाती हैं और छपाई करते समय एक ही लाइन में होती हैं.

ऐसे में अगर कभी हमे अखबारों में तस्वीरें धुंधली नज़र आती हैं तो वो इन चार रंगों की प्लेट्स ओवरलैप होने के चलते होता है.

इसलिए CMYK को पंजीकरण मार्क्स या प्रिंटर्स मार्कर ( Registration marks or Printers marker) कहते है.

CMYK प्रिंटिंग प्रक्रिया की विशेषताएं:- 


जैसा हमने ऊपर समझाया कि CMYK प्रिंटिंग प्रक्रिया में हर समय 4 मानकीकृत आधार रंगों का उपयोग होता है (सियान, मैजेंटा, पीला और काला)

प्रिंटिंग करने के लिए इन रंगों के छोटे बिंदु अलग-अलग कोण पर रखा जाता है.

वाणिज्यिक मुद्रण में सर्वाधिक व्यापक रूप से इस्तेमाल और लागत प्रभावी रंग प्रणाली होती है.

बता दें कि यह प्रक्रिया बड़ी मात्रा के लिए टोनर आधारित या डिजिटल प्रिंटिंग से काफी सस्ती होती है.

अखबार में गलती पकड़ने के लिए भी इन बिन्दुओं का होता है इस्तेमाल <

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गौरतलब हैं कि ये कह पाना बेहद मुश्किल हैं कि हर रोज़ देशभर में कितने अखबार प्रिंट होते है.

इसलिए इतने बड़े स्तर पर अखबार के सभी पृष्ठों की जांच करना भी संभव नहीं होता है.

एक प्रिंटर के लिए, जिसका काम ही उपयुक्त CMYK की प्रक्रिया को करना हो उसे अगर कुछ भी गलत होता है, तो उसे तुरंत पता चल जाता है.

निष्कर्ष


तो दोस्तों अगली बार जब भी आप अखबार पढ़ते वक्त पेज की नीचे 4 रंगीन बिन्दुओं को देखे तो उसके पीछे का ये अहम मतलब जरुर याद कर लेना.

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