मीडिया चैनलों को NDTV ने फिर किया हक्का बक्का, सुबह सुबह मिली बहुत बड़ी खुशखबरी - वायरल इन इंडिया - Viral in India - NEWS, POLITICS, NARENDRA MODI

मीडिया चैनलों को NDTV ने फिर किया हक्का बक्का, सुबह सुबह मिली बहुत बड़ी खुशखबरी

कहने को तो आज कितने की मीडिया संस्थाएं है और आगे वक्त के साथ यह तेजी से बढ़ती भी जा रही है। लेकिन जब बात आती है कुछ विश्वसनीय खबर दिखाने वाली मीडिया संस्थानों की तो फिर कुछ चुनिंदा ही इसमें गिनी जाती है।

देश का चौथा लोकतंत्र स्तंभ मानी जाने वाली मीडिया संस्थाओं की स्थिति

आज के समय को देखते हुए मीडिया की बात करें तो जहां मीडिया तो देश के चौथे लोकतंत्र स्तंभ के रुप में देखा जात है, वहीं मौजूदा समय में इसके मायने बदल गए हैं।

आपको बता दें कि हर मीडिया संस्थान चाहे बड़े से बड़ा मीडिया चैनल आज दर्शकों को जरुरी जानकारी देने के बजाय चैनल की टीआरपी पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है।

टीआरपी व मार्केट में खुद को स्थापित करने की होड़ में ऐसे  चुनिंदा संस्थाएं ही रह गई है जो जरुरी जानकारी दर्शकों तक पहुंचा रही है।

इसी बात का परिचय देते हुए,  देश के नेशनल न्यूज चैनल एनडीटीवी को उनके बेहतर काम के लिए सराहा गया है।

एनडीटीवी को एशिया का सबसे विश्वसनीय चैनल का मिला अवार्ड

IBC Infomedia ने एनडीटीवी को यह अवार्ड एशिया के सबसे विश्वसनीय कंपनी की श्रेणी में रखते हुए दिया है।

आपको बता दें कि एनडीटीवी चैनल अनपी निष्पक्ष व धारदार पत्रकारिता को लेकर सत्ताधारी पार्टी के निशाने पर रहता है।

(NDTV) New Delhi Television की स्थापना 1988 में राधिका रॉय द्वारा की गई थी।

आज के समय में एनडीटीवी ही एक चैनल है जो इलेक्शन की खबरों को बहुत अलग व रोचक तरह से दिखाता है।

एनडीटीवी संपादक प्रणव रॉय, जिन्होंने चुनाव पर सबसे पहले दी थी परिपूर्ण जानकारी

एनडीटीवी के संपादक डॉ प्रणव रॉय ही वो शख्स हैं जिन्होंने भारत में इलेक्शन को टीवी पर सबसे पहले जानकारी से परिपूर्ण, रोचक और लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।

आज के समय को देखा जाए तो अधिकतक चैनल सत्ताधारी के पक्ष में खबरों के जनता तक परोस रहे हैं, तो वहीं केवल एनडीटीवी ही वह चैनल रहा है जिसने सरकार पर तीखे अंदाज पर हमले किए हैं।

हालांकि इसके लिए एनडीटीवी को अक्सर अपनी पत्रकारिता का खामियाजा भी भुगतना पड़ता है।

बता दें कि पिछले दिनों ही सेबी ने अनिवार्य आयकर प्रकटीकरण में चूक के लिए एनडीटीवी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

निष्पक्ष व सरकार विरोधी पत्रकारिता के लिए भुगतना पड़ता है खामियाजा

इसके अलावा सेबी ने कंपनी के सह-संस्थापक प्रणय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय, पूर्व सीईओ विक्रमादित्य चंद्रा, पूर्व अनुपालन अधिकारी अनूप सिंह जुनेजा पर 16 मार्च को जारी किए एक आदेश में 3-3 लाख रुपये का फाइन लगाया था।

वहीं एनडीटीवी के हिंदी चैनल ‘एनडीटीवी इंडिया’ के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार आज देश के सबसे जाने माने एंकर बन चुके हैं।

रवीश कुमार की निष्पक्ष पत्रकारिता ने ही उन्हें आज इतनी लोकप्रियता दी है।

एनडीटीवी के रवीश कुमार हैं आज के सबसे लोकप्रिय एंकर 

पिछले कई महीनों से रवीश अपने प्राइम टाइम में नौकरी सीरीज चला रहे हैं। इस सीरीज की वजह से सत्ता और संस्थान पर लापरवाही करने वाले लोगों की नींद उड़ी हुई है।

रवीश ‘नौकरी’ पर अब तक 30 सीरीज कर चुके हैं। दुनिया के किसी भी न्यूज चैनल ने नौकरी पर आज तक लगातार 30 सीरीज नहीं की है।

जब हर शाम हर न्यूज चैनलों पर हिंदू-मुस्लिम और मंदिर-मस्जिद की डिबेट का नाटक चलाया जाता है, उस वक्त रवीश देश के सबसे गंभीर मुद्दों बेरोजगारी, शिक्षा, महंगाई पर विशलेषण करते हैं।

रवीश का सरल और सहज अंदाज उन्हें भारतीय न्यूज चैनलों के कथित फायर ब्रांड एंकरों से अलग खड़ा करता है। रवीश के प्राइम टाइम में हंगामा और बवाल के बजाय सीधे तौर पर चर्चा होती है।

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