बीजेपी को बहुमत न मिलने पर, शिवसेना बना सकती है इस बड़े चेहरे को पीएम का उम्मीदवार

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शनिवार को शिवसेना ने भाजपा को ताना मरते हुए कहा कि अगर 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिलता, तो शिवसेना पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बना सकते हैं।

आरएसएस पर साधा निशाना

शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में यह टिप्पणी की कि इस समय भाजपा और शिवसेना के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। उस मुखपत्र के मुताबित, शिवसेना ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा की उन्होंने कभी भी शिवसेना के पूर्व प्रमुख बाल ठाकरे को अपने मंच पर आमंत्रित नहीं किया।

और वहीं दूसरी तरफ, मुसलमानों को इफ्तार पार्टी आयोजित कर खुश करने की कोशिश कर रही है आरएसएस। संपादकीय में लिखा गया अगर आने वाले चुनाव में बीजेपी को बहुमत नहीं मिलता तो शिवसेना, प्रणब मुखर्जी को पीएम का उम्मीदवार बना सकती है।

पूर्व राष्ट्रपति का भी है उल्लेखन

उस लेख में प्रणब मुखर्जी के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मंच पर जाने का भी उल्लेखन किया गया है। उनके आरएसएस के मंच पे जाने से पहले पुरे भारत भर में हलचल मची हुई थी। और प्रणव की बेटी भी उन्हें उस मच पर जाने से मन किया था।

प्रणव ने अपनी की की भी न सुनी और नहीं की कांग्रेस पार्टी के नेता की। उन्होंने ने पहले ही कह दिया था मुझे जो भी कहना है मई अब नागपुर में कहूंगा। लेकिन ऐसा कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा उनके जाने से, जितना उनके जाने से पहले भी हलचल।

शिवसेना ने कांग्रेस को फटकारते हुए कहा कि प्रणव को मंच पे जाने से रोकने की कोशिश में उसने खुद का मजाक बनवाया। शिवसेना ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि आखिर आरएसएस ने क्या सोचकर इस कद्दावर नेता को आमंत्रित करना के फैसला किया। वो भी ऐसा नेता जो नेहरूवादी विचारधारा को अपने दिल के करीब रखता है।

 

संपादकीय में आगे यह लिखा गया है कि आरएसएस राजनीति में ऐसे दौरों का इस्तेमाल करेगी। दर्श के पूर्व राष्ट्रपति और कांग्रेस नेता को आरएसएस मच पर बुलाने के पीछे इनकी क्या रड़नीति है, यह तो अब 2019 के लोकसभा चुनाव के समय ही पता चला पाएगा।


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