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अभी अभी- नरेन्द्र मोदी, रामनाथ कोविंद, और नायडू की सैलरी बढ़ी, मीडिया से खबर गायब, शेयर करें

वायरल इन इंडिया संवाददाता -
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देश में सत्ता और विपक्ष के सांसद और विधायकों में किसी और मुद्दे पर भले ही एकमत न हो लेकिन जब मामला उनकी सैलरी बढ़ाने को लेकर आता हैं तो तमाम दल एक सुर में साथ आकर इसकी मंजूरी देते नज़र आते हैं.

देश में सर्वोच्च पदों पर बैठे लोगों की सैलरी जानकार उड़ जाएंगे होश

ऐसा ही कुछ हाल ही में 2018 के बजट में देखने को मिला.

देशभर में एक मजदूर जब पूरा दिन काम करता हैं तब कही जाकर वो 300-500 रूपये एक दिन का कमा पाता हैं.

ऐसा ही कुछ पढ़े-लिखे लोगों के साथ भी होता है. पूरा दिन खुद को रगड़वाने के बाद कही जाकर वो औसतन 25-35 हज़ार रूपये प्रति माह कमा पाते हैं.

लेकिन क्या आपने कभी हमारे देश को चलाने वाली सरकारों की सैलरी के बारे में सोचा है.?

क्या कभी सोचा कि हमारे द्वारा चुने गये मंत्री लोग हमारे द्वारा दिए गये टैक्स से कितना वेतन उठाते हैं.? अगर नहीं तो आज हम आपको इसी जानकारी के बारे में कुछ बेहद हैरान करने वाली जानकारी देंगे.

कोई 5 लाख तो कोई 4 लाख लेता हैं सैलरी

जहाँ देशभर में एक तरफ वेतन बढ़ाने को लेकर हाय तौबा मचाने वाले जनता के प्रतिनिधि हैं तो वहीं आपको सर्वोच्च पदों पर बैठे ऐसे नेता भी मिल जाएंगे जो सैलरी तो लेते ही हैं साथ ही दूसरी सरकारी सुविधाएं भी लेते हैं.

ऐसे में आईए जानते हैं इस लोकतांत्रिक देश के सर्वोच्च पदों पर बैठे लोगों और राज्य के अधिकारियों को कितना वेतन मिलता है.

राष्ट्रपति –

आपको सुनकर हैरानी होगी कि हमारे देश के राष्ट्रपति को सरकारी खजाने से हर महीने 5 लाख रुपए सैलरी दी जाती है.

सैलरी के अलावा उन्हें राष्ट्रपति को दूसरी कई सुविधाएं भी दी जाती है. जैसे कई एकड़ में फैला 340 कमरों का राष्ट्रपति भवन, रिटायर होने के बाद मासिक पेंशन, आदि.

उपराष्ट्रपति

हमारे देश के उपराष्ट्रपति को लगभग 4 लाख रूपये का मासिक वेतन दिया जाता है.

इसके अलावा उन्हें भी कई सुविधाए जो एक उपराष्ट्रपति को दी जानी चाहिए वो सभी दी जाती है.

राज्यपाल –

राज्य के हर राज्यपाल भी लगभग हर महीने को 3 लाख 50 हज़ार रूपये सैलरी पाते हैं.

इसके अलावा भी उन्हें कई तरह की सरकारी सुविधाएं दी जाती है.

प्रधानमंत्री –

प्रधानमंत्री को सैलरी में करीब 1 लाख 65 हज़ार रूपये दिए जाते हैं.

इसके अलावा उन्हें कई सरकारी सुविधाए जैसे, सरकारी आवास, पेंशन, सरकारी गाड़ी, रहना, खाना, कही जाने पर हवाई सुविधा, आदि भी मुहैया कराई जाती है.

इसके अलावा शायद आप न जानते होंगे कि देश के हर राज्य के मुख्यमंत्री, मंत्री और उनके विधायकों की सैलरी दुसरे राज्यों से अलग होती है.

निष्कर्ष

गौरतलब हैं कि जिस देश में गरीबी हर साल सारे रिकॉर्ड तोड़ती जा रही हैं और हर घंटें एक मौत भूख से हो रही हैं वहां जब हमारे ही देश को चलाने वाले सर्वोच्चपदों पर बैठे अधिकारी लाखों का वेतन लेते हुए भी संसद नहीं चलने देते तो वाकई बेहद दुःख होता है क्योंकि उनकी सैलरी का पैसा भी जनता की जेब से ही जाता है.

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