शहर में जूझती जिंदगी में एक और मुसीबत ले आया मोदी सरकार का यह कानून

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देश की बढ़ती आबादी ने जहां रोजगार के अवसर बहुत कम कर दिए हैं। वहीं काम की तलाश में देश की 30 प्रतिशत आबादी पढ़ाई व नौकरी की तलाश के लिए टीयर-2 व टीयर-3 यानी छोटे शहरों से बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई व बैंगलुरु की तरफ रुख कर रहे हैं।

अपने घर से दूसरे देशों में पलायन करने की वजह से इनका शहरों में अपना कोई घर नहीं होता जिस वजह से इन्हें किराए के घरों में रहना पड़ता है।

पलायन करने वाले लोगों की ये है स्थिति

छोटे शहरों से बड़े शहरों की तरफ रुख करने वालों की कमाई का ज्यादातर हिस्सा किराया देने में ही निकल जाता है।

इसकी एक बड़ी वजह यह है कि यहां मकान मालिक भी इन लोगों की परिस्थिति से वाकिफ होते हैं जिस वजह से वे उनसे मनमर्जी का किराया वसूलते हैं।

लेकिन नए नियमों के मुताबिक सरकार ने मकान मालिक से लेकर किराएदार दोनों के लिए टीडीएस भरना अनिवार्य कर दिया है।

मोदी सरकार ने कसा लोगों पर शिंकजा

टीडीएस न भरने पर सरकार ने इस पर सख्ती बरतने की चेतावनी दे दी है।

मकान मालिक और किराएदार दोनों की बढ़ी मुश्किलें

यहां मोदी सरकार ने दोनों की ही मुश्किलों को बढ़ाते हुए टीडीएस भरना अनिवार्य कर दिया है।

अब तक किराए को लेकर जो नियम बनाए गए थे आजादी के समय से ही चले आ रहे थे जो कि 1914 से 1945 के बीच लागू किए गए थे।

इन पुराने नियमों पर ही सरकार ने नए कानून बनाते हुए यह फैसला किया है।

शहरीकरण और भारत में किराएदारों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने यह नया कानून बना दिया।

जिस पर सरकार ने सफाई देते हुए कहा है कि, किराए संबधित नियमों में बदलाव लाना जरुरी था।

इस दौरान रेंटल हाउसिंग इकनॉमी को विनियमित करने की नीति पर पुनर्विचार किया गया है।

इससे पहले भी सरकार किराया अधिनियम पर कर चुकी है फैसला

किराये से जुड़े नियमों में बदलाव लाने के लिए सरकार ने 2 साल पहले ही किरायेदारी अधिनियम 2015 को बदलकर एक ड्रॉफ्ट मॉडल पेश किया था।

इस अधिनियम के लागू होने से आम जनता जो किराए पर घर, दुकान, गोदाम, शोरुम आदि चला रहे हैं उन पर काफी असर पड़ने वाला है।

क्योंकि नए नियम में किराएदार और मकान मालिक दोनों के लिए टीडीएस को अनिवार्य कर दिया है।

यदि आप भी किराए पर रह रहे हैं या आपने भी कोई संपत्ति किराए पर दी हुई है तो आपके लिए भी यह अनिवार्य हो गया है कि आप टीडीएस भरे।

टीडीएस की कटौती होगी जरुरी

मार्च महीने के खत्म होते ही नया फाइनेंशियल ईयर शुरु हो जाएगा। जिसके साथ ही लोगों के लिए किराए से जुड़े इन नए नियमों का पालन करना होगा।

नियम के अनुसार अगर कोई किराएदार या मकान मालिक पचास हजार से ज्यादा का महीने का किराया दे रहा है तो इस पर 5 प्रतिशत टीडीएस जमा कराना जरुरी हो जाएगा।

नियम का पालन न करने पर सरकान ने सख्त कदम उठाने की चेतावनी भी दे दी है।


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