मोदी और आडवाणी के बीच हुआ बड़ा टकराव, आडवाणी ने कही ये बड़ी बात, जिसे सुन भाजपा पार्टी में आया भूचाल

आज की मौजूदा राजनीति में भारतीय जनता पार्टी कितना बड़ा मुकाम हासिल कर चुकी है यह बात किसी से छिपी नहीं है। वहीं जहां एक समय था जब देश की राजनीति में केवल कांग्रेस का ही दबदबा था ऐसी स्थिति में शून्य से शुरुआत करने वाली बीजेपी पार्टी आज देश की सबसे बड़ी पार्टी बन गई हैं। इस समय देखें तो सबसे ज्यादा राज्यों में बीजेपी का कमल ही खिला हुआ है।

 

बीजेपी पार्टी में लिखा जा रहा एक सुनहार इतिहास

बीजेपी के इस सुनहरे दौर की शुरुआत पर अगर गौर करें तो यह सब तभी से देखने में आया जब 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने एक भारी जीत के साथ देश में अपनी सरकार बनाई और दिल्ली की कुर्सी पर बतौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बैठाया गया।

बढ़ते दबदबे के पीछे पार्टी की अंदरुनी सच्चाई

नरेंद्र मोदी का सत्ता की कुर्सी पर बैठना जितना पार्टी के लिए एक नयी बात थी उतना ही इस बात को लेकर पार्टी के अंदरुनी स्थिति पर भी इसका असर देखने को मिला था। जब इस बात से नाराज पार्टी के दिग्गज व वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की थी।

जब 2013 में लाल कृष्ण आडवाणी ने दिया पार्टी से इस्तीफा

इस दौरान ही साल 2013 की 10 जून को एल के आडवाणी ने पार्टी के सभी पदों से अपना इस्तीफा दे दिया था। आडवाणी का यह कदम मोदी के खिलाफ था जब उन्हें 2014 के चुनावों के लिए बीजेपी पार्टी का मुख्य चेहरा बनाया गया था। अपने इस्तीफे में आडवाणी ने इस बात को खासतौर ने बताया कि अब पार्टी के नेताओं का मुख्य अजेंडा अपने आप तक ही सीमित रह गया है।

आडवाणी ने कही ये बड़ी बात

आडवाणी ने कहा, मुझे अब किसी तरह से भी यह महसूस नहीं होता कि यह पार्टी जो कि डॉक्टर मोरारजी देसाई, पंडित दीनदयाल जी, नानाजी और वाजपायी जी की विचारधाराओं पर बनाई गई पार्टी है जिनका मकसद देश के और उसके लोगों के हित पर था।

हालांकि इस्तीफा नहीं किया गया स्वीकार

हालांकि आडवाणी का यह इस्तीफा पार्टी नेता राजनाथ सिंह द्वारा स्वीकार नहीं किया था। उन्होंने कहा कि, उनका इस तरह इस्तीफा देना पार्टी को गवांरा नहीं है। वहीं गुजरात सीएम पद पर बैठे मोदी ने भी उनसे उनका फैसला बदलने का आग्रह किया। मोदी ने कहा था, ‘मुझे उम्मीद है कि वे पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं को निराश नहीं करेंगे।’

दिग्गज राजनेताओं ने दी प्रतिक्रिया

इस पर पार्टी की दिग्गज नेता सुष्मा स्वराज ने भी अपनी राय रखते हुए कहा था कि, ‘पार्टी में किसी तरह की समस्या नहीं है और आगे भी आडवाणी जी के आशीर्वाद से पार्टी बढ़ती रहेगी।’

शिवसेना के संजय राउत का बयान

वहीं आडवाणी को बीजेपी का भीष्म पितामाह बताते हुए शिवसेना के नेता संजय राउत ने कहा, हम उन्हें उनका फैसला बदलने की ओर ही अग्रसर कर रहे हैं।

कांगेस प्रवक्ता रेनुका चौधरी ने की टिप्पणी

बीजेपी की इस स्थिति पर कांग्रेस पार्टी की प्रवक्ता रेनुका चौधरी ने कहा था, मैं इस बात पर किसी तरह से भी हैरान नहीं हूं। बीजेपी राजनीतिक रुप से भ्रष्ट है। उन्होंने उन नेताओं को ही दरकिनार किया है जिन्होंने इस पार्टी को खड़ा किया।

Story Source :  https://timesofindia.indiatimes.com/advani-modi-clash/photostory/20536119.cms

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