ज्ञान- जानिए कैसे किसी भी पार्टी को मिलता है राष्ट्रीय पार्टी बनने का दर्जा...? - वायरल इन इंडिया - Viral in India - NEWS, POLITICS, NARENDRA MODI

ज्ञान- जानिए कैसे किसी भी पार्टी को मिलता है राष्ट्रीय पार्टी बनने का दर्जा…?

इससे पहले आपने भारतीय राजनीति से जुड़ी कई जरुरी और दुर्लभ जानकारियों के बारे में पढ़ा होग। क्योंकि भारत की राजनीति का इतिहास ही इतना बड़ा है जो अपने आप में कई ज्ञान व तथ्य सिमेटे हुए हैं। हालांकि मौजूदा राजनीति इन सबसे अलग सत्ता की कुर्सी के पीछे का मात्र एक खेल है।

आजादी के समय से ही भारतीय राजनीति का रहा है इतिहास

लेकिन इनसे अलग भारत में आज भी ऐसी कई महत्वपूर्ण नियम व कानून है जो आजादी के समय से चले आ रहे हैं, और आज भी मान्य है। यहां हम आपको ऐसी ही एक महत्वपूर्ण जानकारी बताने जा रहे हैं।

आज देश में जितनी भी राजनीतिक पार्टियां उन सभी को चुनाव लड़ने से पहले चुनाव आयोग द्वारा निश्चित की गई कुछ प्रक्रियाओं से होकर गुजरना पड़ता है। जिसके लिए हर पार्टी को वह पंजीकृत करता है।

आज भी चुनाव आयोग इस तरह हर दल को देता है मान्यता

जिसके बाद पार्टियों के चुनाव के दौरान प्रदर्शन के आधार पर ही उनको राष्ट्रीय या प्रदेश स्तर पर राजनीतिक दल के रूप में मान्यता मिलती है। बाकी सभी दलों का पंजीकरण तो किया जाता है लेकिन वेगैर मान्यता प्राप्त दल घोषित कर दिए जाते हैं।

चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त दल को मिलती हैं ये सुविधाएँ

भारत का निर्वाचन आयोग जिन राजनीतिक दलों को मान्यता देता है उन पार्टियों को कुछ विशेष अधिकार और सुविधाएं भी दी जाकी है जैसे, पार्टी को चुनाव चिन्ह देना, निर्वाचन सूचियों को प्राप्त करने की सुविधा, चुनाव के कुछ समय पहले उन्हें राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर टेलीविजन और रेडियो प्रसारण करने की भी इजाजत मिलती है ताकि वे अपनी बात को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा सकें।

जानिए राष्ट्रीय पार्टी की मान्यता हासिल करने के लिए पूरी की जाने वाली शतें

एक मान्यता प्राप्त पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने के लिए कई शर्तो को पूरा करना होता है और अगर वो नीचे बताई गई तीन में से किसी एक शर्त को पूरा करती है:

1. यदि कोई पार्टी कम से कम 3 अलग अलग राज्यों को मिलाकर लोकसभा की 2% सीटें (2014 के चुनाव के अनुसार 11 सीटें) हासिल करती है, या

2. अगर कोई पार्टी 4 लोकसभा सीटों के अलावा लोकसभा या विधानसभा चुनाव में चार राज्यों में 6% तक वोट हासिल करती है, या

3. अगर कोई पार्टी चार या चार से ज्यादा राज्यों में क्षेत्रीय पार्टी के रूप में पूरी तरह से मान्यता रखती है।

राज्य स्तर पर की पार्टी के लिए मान्यता प्राप्त करने के लिए शर्तें

1. अगर कोई पार्टी राज्य में विधानसभा की कुल सीटों में से कम-से-कम 3% सीट या कम-से-कम 3 सीटें, जो भी ज्यादा हो हासिल करती है, या

2. अगर कोई पार्टी लोकसभा के लिए उस राज्य के लिए बांटी गई हर 25 सीटों या उस संख्या की किसी भिन्न के पीछे कम से कम 1 सीट प्राप्त करती है, या

3. यदि कोई पार्टी लोकसभा या राज्य विधानसभा के चुनाव में कुल वैध मतों में से कम से कम 6% वोट हासिल करती है और साथ ही कम से कम 1 लोकसभा सीट या 2 विधानसभा सीटें जीत जाती है, या

4. एक दूसरे नियमानुसार अगर कोई पार्टी लोकसभा या राज्य विधानसभा के आम चुनाव में किसी राज्य में एक भी सीट  नहीं जीत पाती है लेकिन वह उस राज्य में डाले गए कुल वैध मतों में से 8% वोट हासिल कर लेती है, तो उस राज्य में उस पार्टी को क्षेत्रीय पार्टी का दर्जा मिल सकता है।

आम चुनावों में प्रदर्शन के आधार पर मान्यता प्राप्त पार्टियों का आंकड़ा बदलता रहता है। 13 अप्रैल 2018 की तारीख में चुनाव आयोग की वेबसाइट पर राष्ट्रीय पार्टियों की संख्या 7, राज्य स्तर की पार्टियों की संख्या 24 और गैर मान्यता प्राप्त रजिस्टर राजनीतिक पार्टियों की संख्या 2044 थी।

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