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इस्लाम को लेकर हमेशा दुष्प्रचार किया जाता है कि ये एक हिंसा वाला मजहब है और ये लोगों से नफरत रखता है लेकिन ये किसी को नहीं पता कि ये सच्चा और किसी को नुकसान न पहुँचाने वाला मजहब है ! हाँ कुछ सरफिरे हैं जो इस्लाम के नाम पर गलत काम करने में लगे हैं जिसकी  वजह से हम पूरे मजबह को तो दोषी नहीं ठहरा सकते !

अब अगर २ सिक्खों ने इंदिरा को मार दिया या उनके यहाँ भिंडरावाले हुए तो पूरे उनके मजहब को तो गाली नहीं देते या फिर हिन्दुओं में साध्वी प्रज्ञा या फिर कर्नल पुरोहित हुए तो उनके संदर्भ में भी ऐसा नहीं होता ! कहने का मतलब है कि कुछ नालायक और ऐसे सरफिरे लोग जिन्हें मजहब की समझ ही नहीं और वो मजहब की आड़ लेके गलत काम कर रहे तो ऐसे में मजहब तो गलत नहीं हुआ !

इस्लाम कैसे जानें

अगर आपको इस्लाम जानना है तो इसके लिए आपको अल्लाह द्वारा सल्लाहू अलेह वसल्लम पैगम्बर हजरत मोहम्मद पर नाजिल की हुई कुरआन पाक को पढना होगा जिसे पढ़कर न जाके कितने ही लोग इस्लाम अपना चुके हैं ! कुरआन पढ़कर वो लोग भी जो इस्लाम को गाली देते थे खुद मुसलमान हो गये हैं !

साउदी अरब से आ रही ये बड़ी खबर

अभी सऊदी अरब से भी ऐसी ही खबर आ रही है ! यहाँ पर पिछले 6 महीनों के अंदर 13 देशों के नागरिकों ने इस्लाम कबूल किया है ! अगर हम अल अरेबिया की वेबसाइट पर देखें तो इसके अनुसार दावते इरशाद विभाग के निदेशक शैख़ अब्दुल हकीम अल्जासर बताते है कि 1000 गैर मुस्लिमों का इस्लाम कबूल करना दावते इरशाद की बेहतरीन सलूक का फल है !

अब्दुल हकीम ने बताया कि दवाते इरशाद ने इन ६ महीनों में खैर और फलाह की बशारत नाम से 24 दावते सम्मलेन आयोजित किये हैं जिसमे 1730 गैर मुस्लिमों ने हिस्सा लिया और उनमे से 106 मर्दों ने इस्लाम कबूल कर लिया !

आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि सऊदी अरब ने गैर मुस्लिमों के घर जा जाकर 122 कुल दौरे किये गये और उन लोगों को इस्लामिक साहित्य दिया गया !

इस साहित्य और दावत अभियान से 1614 गैर मुसलमानों ने लाभ लिया और 239 इस्लाम कबूल करके मुसलमान हो गये ! इसके आलावा 565 दावती और तबलीगी लेक्चार्ज का आयोजन किया गया जिनमे 69 हजार 373 मर्दों और महिलाओ ने हिस्सा लिया !

--- ये खबर वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा लिखी गयी है वायरल इन इंडिया न्यूज़ पोर्टल के लिए

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