इसलिए हर सच्चे मुसलमान के लिए जरुरी है हज करना !

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चाहे दुनिया के किसी भी कोने का मुस्लिम क्यों न हो, हर एक मुसलमान की चाहत होती है कि वह हज यात्रा पर जाए, लेकिन इसके पीछे का विशेष महत्त्व आज हम आपको बताएँगे.

इस्लाम के 5 फ़र्ज हर मुस्लिम के लिए होते है महत्वपूर्ण

इस्लाम में हर एक मुसलमान के लिए उसके जीवन के 5 फर्ज बेहद जरुरी बताए गये है. जैसे नमाज, रोजे, जकात, क़ुर्बानी और हज यात्रा. गौरतलब है कि शारिरिक या आर्थिक रूप से कमज़ोर मुसलमानों को इसमें छुट दी गई है. मतलब ये कि यदि कोई मुसलमान आर्थिक या शारीरिक रूप से हज करने के लिए सक्षम नहीं है तो ऐसे में इस्लाम भी उन्हें इस फ़र्ज से मुक्त करता है.

हज की इबादतें सबसे पवित्र शहर मक्का में होती है

बता दें कि हज में की जाने वाली इबादतें इस्लाम के सबसे पवित्र शहर मक्का और उसके आसपास स्थित कई दूसरी पाक जगहों पर की जाती है. साफ़ मन से पाक काबे की जियारत यानि दर्शन विशेष तरह से अदा करने को ही हज कहा जाता है.

हज के होते है कुछ विशेष नियम

हज करते हुए सभी लोगों को एक विशेष प्रकार का पाक सफेद कपड़ा पहनना अनिवार्य होता है जिसे इस्लाम में एहराम कहा जाता है. मान्यता है कि इस लिबास को सभी लोगों को आपसी भेद-भाव खत्म करने के लिए पहनाया जाता है.

भेद-भाव को दूर करता है हज यात्रा में पहने जाने वाला सफेद कपड़े

दरअसल, इस कफन जैसे पाक सफेद कपड़े को पहनकर हज के लिए आने वाला हर मुस्लमान बराबर हैसियत का हो जाते हैं. पूरी हज यात्रा के दौरान सभी लोगों को अपना अधिकतर समय खुदा की इबादत को देना अनिवार्य होता है.

40 दिनों की हज यात्रा में खुदा को ही याद करना जरुरी होता है

करीब 40 दिनों तक चलने वाली हज यात्रा के दैरान हर किसी की जबान पर बस एक ही बात होती है “हाजिर हूं अल्लाह, यानी मैं हाजिर हूं. तेरा कोई शरीक नहीं, हाजिर हूं. तमाम तारीफ़ात अल्लाह के लिए है और नेमतें भी तेरी हैं. यह मुल्क भी तेरा है. ऐ खुदा तेरा कोई शरीक नहीं है.”

हज यात्रा के दौरान मनुष्य अल्ला का शुर्क्रिया अदा करता है

इस बात के पीछे असल मकसद हज यात्रा पर दुनिया भर से आए सभी मुसलमानों को यह याद दिलाना होता है कि “उन्होंने इस दुनिया में जन्म किसी लालच या स्वार्थ के लिए नहीं लिया है. खुदा बहुत रहम दिल वाला है और सारी कायनात को अल्लाह तआला ने ही बनाया है इसलिए वो ही सबका मालिक है.”

इस पाक यात्रा में दिए जाते है कई उपदेश

इसके साथ ही हज यात्रा पर हर मुसलान को ये भी बताया जाता है कि उन्हें पूरी दुनिया में कभी भी किसी के साथ गलत नहीं करना चाहिए. अपने स्वार्थ के लिए किसी को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए. सब लोगों को सच्चे मन से एक दूसरे के साथ रहते हुए खुदा को याद करते रहना चाहिए.


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