भारतीय मीडिया की फर्जी खबरें फिर निशाने पर, इस बार यूएई ने दी चेतावनी

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अक्सर हम ऐसी कई खबरें पढ़ते और सुनते हैं जिन पर देश के ही लोगों पर देशद्रोह होने के आरोप लगते हैं।

इन सबके पीछे कुछ तो लोगों की मानसिक सोच होती है तो कही खुद लोग इस तरह के बेतुके बयान देने से बाज नहीं आते। ऐसे में मामला पूरी तरह से खबरों में आ जाता है।  अब ऐसी ही एक खबर आ रही है भारतीय मीडिया को लेकर..

भारतीय मीडिया पर फर्जी खबरें चलाने का आरोप

ऐसा पहले भी कई बार सुनने पर आया है जब भारतीय मीडिया को लेकर फर्जी खबरे चलाने की बात कही गई है।

किसी भी मीडिया संस्थान द्वारा खबर को अपने हिसाब से तोड़ मरोड़ कर पेश करना या फिर उसमें कुछ भी फर्जी खबर दे देना। यह सब खबरे गलत होने के साथ ही लोगों से जुड़े होने के कारण उनकी छवि को भी नुकसान पहुंचाता हैं।

बड़े बड़े मीडिया संस्थान पर है इल्जाम

आपको जानकर हैरानी होगी कि फर्जी खबरों की जानकारी देने का आरोप भारतीय मीडिया की बड़ी बड़ी संस्थानों पर लगा है।

ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें फर्जी खबर चलाने के मामले में सयुंक्त राष्ट्र अरब अमीरात के दूतावास ने अपना गुस्सा जाहिर किया है। इन मीडिया संस्थानों की बात की जाए तो इसमें टाइम्स नाउ, जनसत्ता, जी न्यूज के साथ ही कुछ और भी मीडिया के संस्थान शामिल हैं।

संयुक्त राज्य अमीरात ने जाहिर किया अपना गुस्सा

आपको बता दें कि फर्जी खबर चलाने को लेकर संयुक्त राज्य अमीरात की अंबेसी ने इन सभी को अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सख्त चेतावनी भी दी है।

असल में यह मामला था कि यूएई के प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान को लेकर कहा गया था कि, उन्होंने पीएम मोदी की स्पीच से पहले जय श्री राम के नारे लगाए थे। इस बात पर प्रतिकिया देते हुए यूएई अंबेसी ने इस बात को पूरी तरह से नकारा है।

यूएई के प्रिंस को लेकर चलाई गई फर्जी खबर

बता दें कि शेख मोहम्मद बिन यूएई के एक शक्तिशाली प्रिंस होने के साथ ही वे सेना के डिप्टी कमांडर भी हैं। शेख मोहम्मद बिन को लेकर खबर काफी प्रसारित की गई थी। तो वहीं बीजेपी के समर्थकों ने इस पर मोदी की शक्तिशाली छवि होने को जोड़कर सोशल मीडिया पर काफी वायरल किया था।

यूएई की मीडिया ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

यूएई के अंबेसी के साथ ही यूएई की मीडिया ने भी इस बात को लेकर काफी गुस्सा जाहिर किया था।

यूएई की मीडिया ने इस पर कहा था कि, भारत के कई मीडिया संस्थान ने एक ही समय में ये फेक खबर चलाई और सोशल मीडिया का ट्रेंड भी देखकर यह एहसास होता है कि इस खबर को एक ही तरह के वर्ग ने वायरल किया है और सभी यूजर ने इस खबर को शेयर करते हुए इसे पीएम मोदी की उपलब्धि बताया है।


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