OMG! ज़िले के डीएम ने अपनी ही पत्नी से कराया ऐसा काम, जिसे सुनकर आप भी हो जाएंगे हैरान

बीते कुछ सालों में देश की महिलाओं ने जिस तेज़ी से हर क्षेत्र में खुद को साबित किया है वो वाकई काबिले तारीफ है. जिस देश में कभी लड़कियों को माँ की कोख में ही मार दिया जाता था वहीं आज महिलाओं ने खुद की काबिलियत का सबूत देते हुए दिखा दिया है कि वो किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं फिर चाहे वो देश चलाना हो या फिर व्यापार करना. शायद इसी बदलाव के चलते आज समाज भी महिलाओं के प्रति अपनी सोच बदल रहा है, लेकिन वावजूद इसके आज भी कई लोग आपको ऐसे दिख जाएंगे जो 21वी सदी में भी महिलाओं को चारदीवारी के अंदर ही देखना चाहते हैं. इसके लिए वो आगे बढ़ रही महिला को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं.

बड़े पद पर रहते हुए इस शक्स ने समाज के सामने पेश की मिसाल

अगर वर्तमान के समय की बात करें, तो आज हमारे देश को एक ऐसे समाज की ज़रूरत है जहाँ लोग महिलाओं को मुख्यधारा में लाना चाहते हो. जिसके लिए वो उनके आगे बढ़ने में अपना योगदान देने के लिए भी हर संभव प्रयास करते हो. इसी उदाहरण को साबित करते हुए आज हम आपको एक बेहद ही ख़ास शख्स के बारे में बताएंगे. ये शख्स यूँ तो एक बड़े पद पर हैं जहाँ उसके पास न तो पैसे की कमी है और न ही पॉवर की. वावजूद इसके इस शख्स ने समाज के सामने जो उदाहरण पेश किया उसकी अब हर जगह चर्चा हो रही है.

जानिए क्या है पूरा मामला?

दरअसल, उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के एक सरकारी स्कूल में विज्ञान के टीचर की कमी थी. जिसके चलते वहां पढ़ने वाले बच्चों को अपनी पढ़ाई में भी एक लम्बे समय से दिक्कत झेलनी पद रही थीं. इसकी खबर जैसे ही वहां के डीएम मंगेश को लगी तो उन्होंने इस विषय का जिक्र अपनी पत्नी से किया. बस फिर क्या था, बच्चों के भविष्य को देख डीएम साहब की पत्नी ने खुद उस स्कूल में पढ़ाने का निर्णय लिया. बच्चों की समस्या को देखते हुए डीएम मंगेश ने पत्नी का प्रस्ताव स्वीकार करते हुए उसे जिले के सरकार स्कूल में पढ़ाने की इजाजत दे दी.

सालों से अपने कार्यो से जिले के लोगों का दिल जीतते आए हैं डीएम मंगेश 

जानकारी के लिए बता दें कि ये कोई पहला मामला नहीं है जब बागेश्वर जिले के डीएम  मंगेश ने जनता की सेवा करते हुए समाज के सामने मिसाल कायम की हो, इसे पहले भी मंगेश जिले के लोगों के लिए कई अच्छे कार्य करते हुए उनका दिल जीतते आए हैं. शायद इसी कारण वहां के लोगों का भी अपने डीएम से काफी अच्छा लगाव है. बताते चले कि डीएम मंगेश 2011 बैच के अधिकारी हैं जिन्होंने साल 2011 में देशभर में चौथा स्थान प्राप्त किया था.

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