कांग्रेस समर्थक के साथ टिकट चेकर ने जो कुछ किया उसे जानकर कर हर कोई कर रहा है उसका धन्यवाद - वायरल इन इंडिया - Viral in India - NEWS, POLITICS, NARENDRA MODI

कांग्रेस समर्थक के साथ टिकट चेकर ने जो कुछ किया उसे जानकर कर हर कोई कर रहा है उसका धन्यवाद

ऑनलाइन के इस युग में आजकल सोशल मीडिया पर कुछ न कुछ वायरल होता रहता है. इसी वायरल होती सामग्री में से आज हम आपके लिए कुछ बेहद ख़ास लेकर आए हैं.

एक शख्स की पोस्ट रातो-रात हो गई वायरल

सोशल मीडिया पर ब्रजेश शर्मा नाम के एक शख्स की पोस्ट इन दिनों शेयर खूब वायरल हो रही है. जिन्होंने अपने हवाले से अपने साथ घटे एक वाक्ये को लोगों से सांझा करते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के रूप में लिखा. जिसे पढ़कर अब हर कोई हैरान है.

जब टिकट के बिना लड़का कर रहा था ट्रेन में यात्रा

दरअसल, ब्रजेश ने पोस्ट में लिखा कि..

“कुछ दिन पहले मैं शताब्दी एक्सप्रेस से भोपाल से ग्वालियर जा रहे थे. मेरे सामने वाली सीट पर एक लड़का बैठा था. वो जब से बैठा था तब से ही बड़ा परेशान सा लग रहा था. कुछ देर बाद उस कोच में एक लेडी टिकट चेकर आई. काफी देर तक उससे बात करती रही. अचानक से आवाज़ की वॉल्यूम थोड़ी बढ़ गई. महिला चेकर की आवाज आ रही थी. कह रही थी कि अगले स्टॉप पर पुलिस के हवाले कर दूंगी. जब मैं मामले की तह तक गया, तो पता चला लड़का बिना टिकट ट्रैवल कर रहा था.”

इंटरव्यू पर जा रहा था लड़का

ब्रजेश ने आगे लिखा कि…

“टिकट चेकर के हड़काने पर लड़के ने बताया कि वो किसी इंटरव्यू के लिए ग्वालियर जा रहा है. उसका वहां पहुंचना बहुत जरूरी है. घरवालों ने पैसे ट्रांसफर किए हैं लेकिन वो अब तक उसके अकाउंट में नहीं पहुंचे हैं. अगर वो टिकट चेकर इसे उतारे बिना ट्रेन में जाने देती है तब भी उसे 3200 रुपए जुर्माने के तौर पर भरना पड़ेगा, जो उसके पास है नहीं. ऐसे में उसे ट्रेन से उतारकर पुलिस के हवाले करना पड़ता.”

टिकट चेकर ने अपनी जेब से भरा जुर्माना 

ये सब लिखते हुए उन्होंने आगे बताया कि..

“अचानक वहां एक और टिकट चेकर आ गए. वो भी उस महिला के साथ ही थे. उन्होंने पूरी कहानी सुनी. फिर अपनी जेब से पैसे निकालकर उस लड़के के हाथ में रख दिए और कहा कि भर दो जुर्माना. लड़का सीट से खड़ा होकर उन्हें थैंक यू बोलने लगा. वो टिकट चेकर हल्का सा मुस्कुराए और आगे बढ़ गए. किसी ने पूछा कि क्या गारंटी कि आपके पैसे वापस मिल जाएंगे. जवाब में उन्होंने कहा, मुझे फर्क नहीं पड़ता. मैंने ये सोचकर मदद की कि क्या कोई अपना होता, तब भी हम इतना सोचते.”

निष्कर्ष

आज इस मतलबी दुनिया में इंसानियत को जिन्दा रखते हुए जब कुछ लोग दिख जाते हैं तो वाकई बेहद अच्छा लगता है.

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