गेहूँ की सिर्फ 8-10 पत्तियों से ऐसे किया जा सकता हैं बड़ी-बड़ी बीमारियों का इलाज

शायद आप न जनते होंगे कि गेहूँ का ज्वारा मतलब गेहूँ के छोटे-छोटे पौधों की हरी-हरी कोमल पत्तियों मे शुद्ध रक्त बनाने की अद्भुत शक्ति होती है.

इसलिए इन ज्वारो के रस को “ग्रीन ब्लड” भी कहा गया है.

किसी आयुर्वेदिक औषधि से कम नही हैं गेहूँ का ज्वार 

कई तरह के रोगों से लड़ने के गुणों से युक्त इस औषधि रूपी गेहूं के ज्‍वारे को व्हीटग्रास के नाम से भी जना जाता है.

जानकारी के लिए बता दें कि ये सिर्फ़ एक आयुर्वेदिक औषधि ही नहीं बल्कि एक उत्तम आहार भी है जिसे हम जूस, पाउडर और टेबलेट किसी भी तरह से लेकर खुद को कई तरह की बिमारियों से सुरक्षित कर सकते है.

खासतौर पर इसके ताजा जूस को प्रतिदिन पिने से ऐसा अद्भुद फ़ायदा देखने को मिलता है, जो आपको बड़े-बड़े डॉक्टर के पास जाने पर भी नहीं मिलता.

खुद विशेषज्ञ भी मानते हैं कि रोजाना व्हीटग्रास जूस के सेवन से बॉडी स्टैमिना और एनर्जी तो बढ़ती ही है साथ ही कई प्रकार के रोगों का इलाज करने में भी मदद मिलती है.

चुकी इसमें लगभग 17 तरह के अमीनो एसिड, एंजाइम, विटामिन और प्रोटीन होते हैं, इसलिए भी ये बॉडी की मृत कोशिकाओं को पुनर्जीवन देते हैं और शरीर का पीएच बैलेंस संतुलित रखने में मदद करता है.

ऐसे में आज हम आपको इसी व्हीटग्रास जूस के कुछ ऐसे फ़ायदे बताएँगे जिसे सुनकर यक़ीनन आप भी दंग रह जाएंगे.

1. त्वचा को जवान रखने में मदद:-

माना गया हैं कि प्राकृतिक न्यूट्रीशन और एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर व्हीटग्रास व्यक्ति को जल्दी बूढ़ा होने से रोकता है.

रोजाना इसका जूस पीने से स्किन हाइड्रेट तो होती ही हैं साथ ही चेहरे पर पिंपल्स दाग धब्बे और झुर्रियां भी नही होते है.

आप व्हीटग्रास जूस का प्रयोग सीधे ही चेहरे के दाग धब्बों को मिटाने के लिए भी कर सकते हैं.

2. बालों को काला करने के लिए:-

आजकल लोगों के समय से पहले ही सफेद बाल हो जाते हैं ऐसे में रोज गेहूं के ज्वारे का रस पीना बेहद लाभकारी होता है.

इतना ही नहीं यदि किसी के बालों में रूसी की समस्या है तो वो व्यक्ति भी इसके रस से बाल धोकर 15 मिनट बाद शैंपू करता हैं तो उसकी रूसी जड़ से खत्म हो जाती है.

3. हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए:-

इसका जूस शरीर में ब्लड सरकुलेशन को बढ़ाने में मदद करता है.

जिससे शरीर में नया खून बनता है और यह नया खून पुराने खून को डिटॉक्स करने की शमता भी रखता है.

इससे साथ ही साथ बॉडी में हीमोग्लोबिन की मात्रा भी बढ़ जाती है.

4. डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए:-

माना गया हैं कि गेहूं का ज्‍वारे का पाउडर खासतौर पर डायबिटीज/सुगर के रोगियों के लिए बेहद लाभदायक होता है.

यह कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण में देरी उत्‍पन्‍न कर ब्‍लड शुगर के स्तर को विनियमित करने में मदद करता है.

जिससे डायबिटीज को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है.

5. कैंसर के उपचार के लिए:-

विशेषज्ञों की माने तो कैंसर का उपचार करने में व्हीटग्रास जूस पीना किसी रामबाण से कम नही होता.

गेहूं के ज्‍वारे में मौजूद क्लोरोफिल, रेडिएशन के हानिकारक प्रभावों को कम करने में मदद करता है.

इसलिए गेहुं के ज्‍वारे का पाउडर अक्सर कीमोथेरेपी / रेडियोथेरेपी के दौरान कैंसर के रोगियों को लेने के लिए कहा जाता है.

गेहूं के ज्वारे का रस  बनाने की विधि:-

8-10 गेंहू के ज्वारे की पत्तियां जड़ से काट कर अच्छे से धो ले.

अब इसे कूट-कूट कर इसका रस निकाल ले.

गेंहू की पत्तियां कूटने के बाद एक साफ़ सूती कपडा ले और कुटी हुई पत्तियां डाल कर इसका रस निचोड़ ले.

यदि आपके पास जूस निकालने वाली मशीन हैं तो उससे भी आप व्हीट ग्रास जूस तैयार कर सकते है.

व्हीटग्रास जूस निकलने के बाद इसे रखे नहीं बल्कि तुरंत पी जाए.

इस प्रक्रिया के दौरान एक बात का विशेष ध्यान रखे की जूस को चाय की तरह सीप सीप कर के ही पिए, 1 घूंट में कभी ना पिए.

जूस निकालते समय इसमें आप आंवला, नीम, गिलोय, तुलसी, शहद और अदरक भी डाल सकते है.

इनके प्रयोग से जूस के गुण और भी ज्यादा औषधिरूप में बढ़ जाते है.

यदि आपको पीने में ये जूस थोड़ा गाड़ा लगे तो इसमें आप थोड़ा पानी भी मिला सकते है पर ध्यान रहे इसमें नींबू और नमक बिल्कुल ना डाले.

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Leesha Senior Reporter

यह खबर वायरल इन इंडिया के वरिष्ट पत्रकार के द्वारा लिखी गयी है| खबर में कोई त्रुटी होने पर हमें मेल के द्वारा संपर्क करें- [email protected] आप हमें इस फॉर्म से भी संपर्क कर सकते हैं, 2 घंटे में रिप्लाई दिया जायेगा |
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