कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज यहां है, जरुर करें जरुरतमंद तक शेयर

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आज अपनी इस खबर में हम आपको कैंसर व अन्य इस तरह की गंभीर बीमारियों के इलाज के बारे में काफी महत्वपूर्ण जानकारी देने जा रहे हैं। आपको बता दें कि इस समय लाखों लोग कई खतरनाक बीमारियों से जूझ रहे हैं, लेकिन आपको जानकर खुशी होगी कि आज भी एक ऐसे वैद्य मौजूद है तो आपकी इन बीमारियों का इलाज कर सकते हैं।

कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का भी संभव है इलाज

आपको बता दें कि कान्हावाडी गांव के बेतुल जिला में  कैंसर के रोगियों का कारगर इलाज किया जाता है।

इस गंभीर बीमारी के साथ ही यहां पर और भी कई बीमारियों का इलाज मुमकिन है।

आज हम आपको कैंसर और बाकी बड़ी से बड़ी और कभी न ठीक होने वाली बीमारियों का इलाज करने वाले वैद्य के बारे में बता रहे है।

कान्हावाडी गांव के जिला बेतुल में वैद्य हैं जो इन सभी बीमारियों का इलाज करते हैं और यह बीमारियां ठीक हो जाती है।

वैद्य बेतुल जिला से 35 km घोडाडोंगरी और वहां से कान्हावाडी 3km दूर रहते है।

कान्हावाड़ी के वैद्य करते हैं मरीजों गकी हर बीमारी का इलाज

इनसे मिलने के लिए लोगों के लिए रविवार और मंगलवार के दिन सुबह 8 बजे से लोग पहुंच जाते हैं। क्योंकि आने वाले लोगों की यहां बहुत लंबी लाइन होती है इसलिए लोग यहां एक रात पहले से ही नंबर लगाने आ जाते हैं।

हालांकि बैतूल जिले को सतपुड़ा के जंगलों से पहचाना जाता है, लेकिन इसके साथ ही यहां के जंगलों में कैंसर जैसी लाइलाज बीमारी को खत्म करने वाली कीमती जड़ी-बूटियां पाई जाने की वजह से विदेशों में भी लोग इसे पहचानते हैं।

घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के ग्राम कान्हावाड़ी में रहने वाले भगत बाबूलाल यहां बीते कई सालों से जड़ी-बूटी व अन्य औषधियों से कैंसर से पीड़ित मरीजों की मदद कर रहे हैं।

आपको बता दें कि अपने इस नेक काम के लिए बाबूलाल मरीजों से कोई पैसे नहीं लेते। कैंसर बीमारी से निजात पाने के लिए देश भर से लोग यहां अपना इलाज कराने आते हैं।

वहीं मरीजों को उनकी दवा से आराम होता है इसलिए ही उनके यहां हर रविवार को और मंगलवार को आने वाले लोगों की काफी भीड़ होती है।

एक दिन पहले ही नंबर के लिए पहुंच जाते हैं लोग

कान्हावाड़ी में इलाज के लिए बाहर से आने वाले लोगों तो एक दिन पहले ही वहां नंबर के लिए पहुंच जाते हैं।

एक दिन में करीब 1000 से भी ऊपर मरीज यहां खुद को दिखाने आते हैं।

खासकर महाराष्ट्र से यहां भारी संख्यां में लोगों की भीड़ आती हैं।

कई बार यह भीड़ इतनी ज्यादा होती है कि पांच से छह तक लग जाते हैं।

देश के कई इलाकों से मुम्बई, लखनऊ, भोपाल, दिल्ली सहित देश भर में जिन्हें इस बारे में पता होता है वे यहां आते हैं।

साथ ही यहां आने वाले मरीजों के लिए कहा जाता है कि कोई यहां से मायूस नहीं जाता।

जड़ी-बूटी के सेवन के दौरान करना होगा परहेज भी

भगत बाबूलाल जो जड़ी-बूटी अपने मरीजों को देते हैं उन औषधियों का असर परहेज करने से ही होता है।

जड़ी-बूटियों से इलाज के दौरान मांस-मदिरा के साथ अन्य तरह की सब्जियां खाने पर मनाही होती है जिसका अच्छे से पालन करने की जरुरत होती है।

तभी इन जड़ी-बूटी दवाईयों का असर मरीज को अच्छे से हो पाता है, वैसे जिन लोगों ने नियमों का परिपालन कर दवाओं का सेवन किया हैं उन्हें काफी हद तक इससे छुटकारा मिला है।

बताया गया है कि भगत बाबूलाल सुबह से शाम तक खड़े रहकर ही मरीजों को देखते हैं। इलाज के मामले में वे इतने सिद्धहस्त हो चुके हैं कि नाड़ी पकड़कर ही मर्ज और उसका इलाज बता देते हैं।

पता…?

वैद्य बाबूलाल पू रा पता बेतुल जिला से 35 km घोडाडोंगरी और वहाँ से कान्हावाडी 3km दूर है। मिलने का समय रविवार और मंगलवार सुबह 8 बजे से पर वहा पे नंबर बहुत लगते है इसलिये अगले दिन रात को जाना पड़ता है।


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