यूपी में छाया सपा के गठबंधन का जादू, योगी नहीं बचा पाए गोरखपुर में अपनी विरासत, बिहार में भी बीजेपी की कमजोर स्थिति

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उत्तर प्रदेश की दो लोकसभा सीटों और बिहार की एक लोकसभा व एक विधानसभा की सीटों पर हुए उपचुनावों के नतीजे आज घोषित किए जाएंगे जिसके लिए सुबह से ही मतगणना जारी है। अभी तक जारी मतगणना को देखते हुए कहा जा सकता है कि दोपहर तक इन चुनावों के नतीजों की तस्वीर साफ हो जाए।

बिहार व यूपी के उपचुनाव नतीजों पर बीजेपी की हार

आपको बता दें कि दोनों ही राज्यों के चुनावी नतीजों को 2019 के लोकसभा की एक झलक के रुप में देखा जा रहा है। यूपी की गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट, बिहार की लोकसभा सीट अररिया व भभुआ और जहानाबाद विधानसभा सीट के लिए उपचुनावों की वोटिंग 11 मार्च को कराई गई थी।

चल गया सपा व बसपा के गठबंधन का पैंतरा

आपको बता दें जारी मतगणना से अब तक जो नतीजे सामने आए हैं उसके मुताबिक यूपी के गोरखपुर और फूलपुर में बीजेपी की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। दोनों लोकसभा सीटों के उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को बसपा ने अपना समर्थन दिया है।

वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए अपनी विरासत यानी गोरखपुर सीट को बचाना मुश्किल होता दिख रहा है। सपा से प्रवीण कुमार निषाद ने इस सीट से चुनाव लड़ा है। कांग्रेस से प्रत्याशी डॉ सुरहिता करीम हैं। गोरखपुर सीट की बात करें तो यहां कुल दस उम्मीदवार हैं। जहां 47.75 प्रतिशत मतदान हुआ था।

फूलपुर में भी सपा प्रत्याशी आगे

लोकसभा की फूलपुर सीट पर बीजेपी प्रत्याशी वाराणसी के पूर्व मेयर कौशलेंद्र सिंह खड़े हैं। कांग्रेस के टिकट पर वरिष्ठ नेता जेएन मिश्र के पुत्र मनीष मिश्रा ने यहां चुनाव लड़ा था। सपा के प्रत्याशी नागेंद्र प्रताप पटेल जिन्हें बसपा का समर्थन मिला हुआ है। फूलपुर सीट से 22 उम्मीदवार मैदान पर खड़े हैं। यहां पर 37.39 फीसदी वोट डाले गए थे।

बिहार उपचुनाव के नतीजों पर जेडीयू की कमजोर हालत

बिहार की अररिया लोकसभा सीट के उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार प्रदीप कुमार ने चुनाव लड़ा है। बता दें कि वह पहले भी दो बार इस क्षेत्र से सांसद रह चुके हैं। आरजेडी की ओर से दिवंगत सांसद तस्लीमुद्दीन के बेटे सरफराज आलम को खड़ा किया गया है।

इस सीट पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी गठबंधन सरकार में शामिल बीजेपी के प्रत्याशी को जिताने की कोशिश में लगे हुए हैं। अररिया से कुल सात उम्मीदवार चुनावी मैदान पर खड़े हैं।

बिहार के जहानाबाद विधानसभा उपचुनाव में कुल 12 उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां आरजेडी ने अपने दिवंगत विधायक मुंद्रिका सिंह यादव के पुत्र कुमार कृष्ण मोहन उर्फ सुदय यादव को और सत्ताधारी पार्टी जेडीयू ने अभिराम शर्मा को उम्मीदवार बनाया है।

भभुआ विधानसभा क्षेत्र में कुल 17 उम्मीदवार खड़े हैं। बीजेपी ने अपने दिवंगत विधायक आनंद भूषण पांडेय की पत्नी रिंकी रानी पांडेय को और कांग्रेस ने शंभू पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया है।

यूं खाली हुई थी यूपी और बिहार की लोकसभा व विधानसभा की सीटें

गोरखपुर सीट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के और फूलपुर सीट उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य के विधान परिषद की सदस्यता ग्रहण करने के बाद त्यागपत्र देने के बाद से ही खाली थी।

सितंबर 2017 में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद मोहम्मद तस्लीमुद्दीन के गुजर जाने के बाद अररिया सीट खाली हो गई थी। बिहार की भभुआ विधानसभा सीट बीजेपी विधायक आनंद भूषण पांडे के निधन के बाद और जहानाबाद सीट आरजेडी विधायक मुंद्रिका सिंह यादव के निधन के बाद से खाली थी।

मौजूदा तीन लोकसभा सीटों और दो विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए घोषणा 9 फरवरी को की गई थी। दोनों राज्यों में हुए चुनावों के नतीजे आद शाम तक मतगणना होने बाद घोषित कर दिए जाएंगे।


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