21 साल के युवा मुस्लिम खिलाड़ी का वो क्रिकेट रिकॉर्ड जिसे 32 साल बाद भी कोई नहीं तोड़ पाया !

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साल 1984-85 की वो यादगार टेस्ट सीरीज शायद ही कोई भुला पाया होगा जिसमें सुनील गावस्कर की कप्तानी के दौरान इंग्लैंड टीम भारत के दौरे पर थी. इस टेस्ट सीरीज के बाद सालों तक केवल एक मुस्लिम खिलाड़ी दुनियाभर की सुर्ख़ियों में रहा.

भारत और इंग्लैंड की सीरीज से इंडिया को मिला उसका सबसे बेहतर खिलाड़ी

इस टेस्ट सीरीज का पहला मैच भारत और इंग्लैंड के बीच मुंबई के वानखेड़े ग्राउंड में  हुआ जिसमें इंडिया 8 विकेट से जीत भी गई. मैच देखकर सब अनुमान लगा रहे थे कि इंडिया ये 1-0 की लीड बरकरार रखेगी.

खराब प्रदर्शन के चलते कपिल देव को होना पड़ा बाहर 

जिसके बाद इसी सीरीज का अगला मैच दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में हुआ, लेकिन सभी अटकलों के विपरीत यहां इंग्लैंड ने इंडिया को 8 विकेट से पटखनी दे दी. इंडिया बहुत आसानी से ये मैच हार गई. जिसका खामियाजा कपिल देव को अगले टेस्ट मैच जो कोलकाता के ईडन गार्डन्स में होना था उससे बाहर करके भुगतना पड़ा. साथ ही संदीप पाटिल को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.

इसी सीरीज के दौरान 21 साल के मुस्लिम खिलाड़ी मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने दिया डेब्यू 

उनकी जगह टीम में चेतन शर्मा को शामिल किया गया. साथ ही एक 21 साल के मुस्लिम लड़के ने भी इसी सीरीज में अपना डेब्यू किया. हैदराबाद के इस बल्लेबाज का नाम था मोहम्मद अज़हरुद्दीन. इस सीरीज में आगे जो कुछ भी हुआ वो इंडियन क्रिकेट में बदलाव की एक बड़ी मिसाल बना.

अज़हर ने अपने करियर के पहले तीन टेस्ट मैचों में मारे तीन शतक

अपना डेब्यू करते हुए इस 21 साल के मुस्लिम खिलाड़ी ने न केवल कोलकाता टेस्ट में शतक मारा बल्कि अगले दो मैचों में भी शतक मारते हुए ये खिलाड़ी दुनिया का इकलौता ऐसा बल्लेबाज बन गया जिसने अपने करियर के पहले तीन टेस्ट मैचों में तीन शतक मारे.

कोई खिलाड़ी अज़हर का ये रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाया

अज़हर का ये कमाल का रिकॉर्ड 1 फरवरी 1985 को बना था और आजतक कोई भी इस रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाया है. आगे चलकर यही युवा मुस्लिम खिलाड़ी टीम इंडिया का सबसे सफल कप्‍तान और दुनिया का सबसे कलात्‍मक बल्‍लेबाज के रूप में उभरा.

एक सफल कप्तान भी रहे है अज़हर

बता दें कि अजहर को क्रिकेट की दुनिया में एक सबसे सफल कप्‍तानों में गिना जाता हैं. उनकी इन्ही उपलब्धियों के चलते बॉलीवुड में उनके जीवन पर आधारित फिल्‍म भी बनायी जा चुकी है.

दुनिया के सबसे बेहतरीन फिल्‍डरों में भी गिना जाता था

गौरतलब है कि बल्लेबाज़ी के साथ-साथ मोहम्‍मद अजहरुद्दीन को दुनिया के सबसे बेहतरीन फिल्‍डरों में भी गिना जाता है. मैदान में अजहरुद्दीन की शानदार फिल्डिंग देखते ही बनती थी. मैदान में उनके हाथ में गेंद इस तरह से आती थी मानों उनके हाथ में कोई चुंबक हो. शायद यही कारण है कि उनके बाद कई खिलाड़ी आए और गये लेकिन उनके द्वारा बनाए गये रिकॉर्ड आज तक कोई भी तोड़ नहीं पाया है.


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