मरा नहीं जिन्दा हैं सद्दाम हुसैन, 12 साल बाद अबु समीर ने तथ्यों से मचाया हडकंप - वायरल इन इंडिया - Viral in India - NEWS, POLITICS, NARENDRA MODI

मरा नहीं जिन्दा हैं सद्दाम हुसैन, 12 साल बाद अबु समीर ने तथ्यों से मचाया हडकंप

समीर के खुलासे से हडकंप मच गया है देश और दुनिया में

ईराक के पूर्व तानाशाह सद्दाम हुसैन के बारे में भला कौन नहीं जनता है.

वही तानाशाह जिनसे दुनिया के लगभग सभी देश एक वक्त था जब खौंफ खाते थे.

लेकिन अब उस तानाशाह की कब्र पूरी तरह से कंक्रीट में बदल चुकी है.

अमेरिका ने दी थी सद्दाम को फांसी

जी हां, जैसा सभी जनते हैं कि ईराक पर लगभग 20 वर्षों तक शासन करने वाले सद्दाम हुसैन को 30 दिसंबर 2006 को अमेरिका द्वारा फांसी पर लटकाया गया था.

उस समय अमेरिका के राष्‍ट्रपति जॉर्ज बुश हुआ करते थे, जिन्होंने फांसी दी जाने के बाद खुद मिलिट्री हेलीकॉप्‍टर से सद्दाम की डेड बॉडी को बगदाद रवाना किया था.

सद्दाम को उनके गांव अल-अवजा में दफनाया गया था लेकिन अब हैरानी की ये खबर सामने आ रही हैं कि जिस जगह सद्दाम को दफनाया गया वहां अब उनके शव के अवशेष भी मौजूद नहीं हैं.

12 साल बाद कब्र से कहा गायब हुआ सद्दाम का शव

यूँ तो सद्दाम की मौत को 12 वर्ष पूरे होने वाले हैं लेकिन इतने वर्षों के बाद अब उनके शव को लेकर कई तरह के सवाल उठा रहे हैं.

इन सवालों ने उस वक्त ज्यादा तूल पकड़ी जब विदेशी न्‍यूज एजेंसी एएफपी की एक रिपोर्ट में भी इन्हें उठाया गया.

रिपोर्ट में ये पूछा गया हैं कि आखिर कब्र से सद्दाम का शव कहां गया, क्‍या वह अल-अवजा में ही है या फिर उसे खोदकर निकाल लिया गया और अगर निकाल लिया गया है तो फिर उनके शव को कहां ले जाया गया है?

सद्दाम की कब्र देखने दुनियाभर से आते हैं लोग

बता दें कि सद्दाम को जब फांसी की सजा सुनाई गई तो उनकी उम्र 69 वर्ष थी और फांसी देने के तुरंत बाद ही उनके शव को ईराक भेज तड़के ही उसे दफना दिया गया था.

जहां उनका शव दफनाया गया वह जगह अब उनके चाहने वालों के लिए किसी तीर्थस्‍थान से कम नही है.

स्‍कूल के बच्‍चों के अलावा उनके सपोर्टर्स 28 अप्रैल को हर वर्ष उनके जन्‍मदिन के मौके पर यहां इकट्ठा होते रहे है.

हालांकि अब ईराक सरकार ने यहां पर आने के लिए स्‍पेशल परमिशन लेना अनिवार्य कर दिया है.

अब कब्र में नहीं है सद्दाम का शव

सद्दाम के वंशज शेख मनफ अली अल-निदा ने एएफपी को दिए इंटरव्यू में बताया कि उनकी कब्र को खोदा गया और उन्हें जला दिया गया है.

हालांकि, उन्‍होंने यह बात भी मानी कि ऐसा कुछ भी होते हुए उन्होंने खुद नही देखा.

वहीं, कब्र से ग़ायब शव के बारे में सद्दाम की कब्र की सुरक्षा में लगे शिया पैरामिलिट्री फोर्सेज का कहना है कि आतंकी संगठन ISIS के आतंकियों की तैनाती के बाद यहां पर इराकी सेना की ओर से हवाई हमले हुए और इन हमलों के चलते ही कब्र बर्बाद हो गई है.

सिक्‍योरिटी फोर्सेज के मुखिया जाफर अल-घरावी ने शव ग़ायब होने की बात को अफ़वाह बताया और जोर देते हुए कहा कि

‘सद्दाम का शव अभी भी यहीं है.’

तो क्या जिंदा हैं सद्दाम हुसैन!

सद्दाम के साथ काम कर चुके एक लड़के की मानें तो उनकी निर्वासित बेटी हाला कुछ समय पहले एक प्राइवेट जेट से अवजाह आईं और अपने पिता के शव को अपने साथ जॉर्डन ले गईं.

इस पर सद्दाम के समय के स्टूडेंट रहे एक शख्स ने जो अब प्रोफेसर बन चुके हैं अपना नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि

“हाला कभी इराक लौटी ही नहीं. शव को किसी अनजान और सीक्रेट जगह पर ले जाया गया है. कोई नहीं जानता कि शव को कौन और कहां ले गया.”

हालांकि इन सभी खबरों के बीच कुछ अन्य लोगों की तरह ही बगदाद निवासी अबु समीर का मानना है कि सद्दाम अभी भी जिंदा है. उन्होंने कहा कि,

“सद्दाम मरे नहीं. जिसे फांसी दी गई थी, वह उनके हमशक्लों में से एक था.”

निष्कर्ष

वाकई अगर फांसी दी जाने के 12 साल बाद सद्दाम का शव कब्र में नही हैं तो ऐसे में सवाल हैं की आखिर एक शव खुद कहा ग़ायब हो गया. अगर उसे कोई नहीं लेकर गया तो शव कहा हैं? क्या कब्र में जिस शव की बात बताई जा रही थी वो कभी वहा था ही नहीं? ये अभी ऐसे सवाल हैं जो सामने आने बेहद जरुरी है.

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