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खाने में हर एक सब्जी का अपना एक अलग ही स्वाद हो तो है, तो सब्जी में पड़े मसाले भी उन्हें और लाजवाब बनाते हैं।

बात करें दाल, सब्जी को तड़का लगाने की तो इसमें काफी कुछ डाला जाता है। इसमें प्याज, टमाटर, लहसुन, अदरक, मिर्ची धनिया डाला जाता है।

जहाँ दाल सब्जी खाने में जितनी स्वाद बनती है, वहीँ इन सबको काटने में काफी मेहनत लगती है और सबसे ज्यादा मेहनत लगती है प्याज को काटने में।

प्याज के बिना अधूरी सी लगती है दाल-सब्जी


प्याज एक ऐसी चीज़ है जिसके बिना सब्जी अधूरी सी लगती है । भले ही प्याज कितने भी महंगे हो जाएँ लेकिन बिना प्याज के सब्जी अच्छी नहीं लगती।

लेकिन इस सब के चक्कर में प्याज काटने में हमारी जान निकल जाती है। प्याज काटने के वक़्त ऐसे लगता है की खास कोई मशीन आ जाए या फिर कोई और आपके लिए प्याज काट दे। क्योंकि इसे काटने पर आंसू अच्छे-खासे को रुला देते हैं,

क्यों आते हैं प्याज काटने पर आँख में आंसू

पर क्या जानना चाहेंगे प्याज काटने में अक्सर आंसू क्यों आते हैं और आंखों में जलन क्यों होती है, जबकि किसी और सब्जी यहाँ तक की मिर्ची को काटने पर भी आँखों में आंसू नहीं आते।

दरअसल प्याज कई परतों से मिलकर बनती है। इसमें एक साइन-प्रॉपेंथियल-एस-ऑक्साइड नामक रसायन पाया जाता है जो की प्याज काटते वक्त आंखों की लेक्राइमल ग्लैंड को उत्तेजित करता है, जिससे आंसू आ जाते हैं। हालांकि इससे पहले वैज्ञानिकों को लगता था आंसू आना प्याज में मौजूद एलीनेस नामक एंजाइम के कारण होता है।

आंसुओं के पीछे ये हैं साइंटिफिक कारण

लेकिन एक रिसर्च में पाया गया की इसमें लेक्राइमेट्री-फैक्टर सिंथेस नामक एंजाइम पाया जाता है और प्याज काटते समय इसमें से ये लेक्राइमेटरी-फैक्टर सिंथेस एंजाइम निकलता है। हमारी आंखों की एक अच्छी खूबी यह है कि इसमें अगर कोई बाहरी तत्व आ जाता है तो यह आंसू निकालकर उसे धोने का प्रयास करती है।
लेकिन इन चीज़ों का इस्तेमाल कर आप रोने से बच सकते हैं

इस तरह से कर सकते हैं बचाव

1. आप जिस जगह प्याज काट रहे हों वहां कैंडल या लैम्प जला लें. ऐसा करने से प्याज से निकलने वाली गैस कैंडल या लैम्प की ओर चली जाएगी और आपकी आंखों तक नहीं पहुंच पाएगी।

2. प्याज काटते समय आस-पास चलने वाले पंखे बंद कर दें।

3. प्याज को काटने से पहले कुछ देर तक पानी में भिगोकर रख दें।

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