आखिर क्यों जींस में दी जाती है छोटी वाली जेब, आज जान ले यहां

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अक्सर हम सभी को अपनी जिंदगी में बहुत सी ऐसी चीजे दिख जाती है, जिनका इस्तेमाल यूँ तो हम रोजमर्रा की जीवन में करते है लेकिन फिर भी हमरा ध्यान उस ओर नहीं जाता.

हम इन चीजो को देखते तो हैं लेकिन आम तौर पर कभी नहीं सोचते कि ऐसा क्यों है, या ये वैसा क्यों है..?

जीन्स में एक अलग से छोटी जेब क्यों बनाई जाती है? 


आज हम अपनी जिन्दगी में इस कदर वयस्त हो गये हैं कि शायद इन बातों को तो छोड़िये हमारे पास सांस लेने तक का टाइम नहीं है. ऐसे में ये सोचना कि ये ऐसे या वैसे क्यों है नामुमकिन सा लगता है.

यूँ तो आज महिला-पुरुष हर कोई जीन्स पहनता है.

लेकिन क्या किसी ने कभी सोचा कि जीन्स में एक छोटी सी जेब आखिर क्यों दी जाती है.

आमतौर पर लोग इसे सोचते हैं कि ये जेब सिक्के या पैसे डालने के लिए बनाई जाती है, लेकिन शायद ही इसके पीछे की असल कहानी किसी ने सोची हो..?

इस कारण से जीन्स में होती है ये ख़ास छोटी जेब

वैसे आजकल छोटी जेब के बिना भी कई जींस बाज़ार में आने लगी है लेकिन अभी भी ज्यादातर जींस पर छोटी जेब होती है.

जानकारी के लिए बता दें कि इसके पीछे भी अपना एक इतिहास है, जिसे जान आप हैरान रह जाएंगे.

दरअसल, कहा जाता है कि इस छोटे पॉकेट की शुरुआत सबसे पहले लेवी स्ट्रॉस नाम की जीन्स बनाने वाली कंपनी ने ही की थी.

ये कंपनी आज दुनियाभर में लेवाइस के नाम से जानी जाती है.

और इसी के चलते आज हमारी जींस में छोटी पॉकेट है.

घड़ी रखने के लिए बनाई गई थी ये जेब

इस जेब को बनाने के पीछे का कारण बताने से पहले आपको ये जानना भी बेहद जरुरी हैं कि जिसे आप छोटे पॉकेट के नाम से जानते हैं उसका असल नाम वॉच पॉकेट है.

जिसे पहले के जमाने में काउ बॉयज के लिए खास तौर पर तैयार किया गया था.

यह पॉकेट मुख्य रूप से घड़ी रखने के लिए बनाई गई थी. इसका इतिहास 1879 से आजतक बरकरार है.

इस जेब में चेंन वाली घड़ी रहती थी सुरक्षित

माना जाता हैं कि अठारहवीं सदी में काउबॉयज़ को चेन वाली घड़ियां रखने का शोक होता था.

जिसे देखते हुए ही लेवाइस कंपनी ने अपनी जीन्स में छोटी जेब बनाना शुरू किया ताकि काउबॉयज़ इसमें अपनी घड़ी रख सके.

लोगों की माने तो इसे बनाने के पीछे एक दूसरा कारण भी है. वो ये कि इस छोटी सी जेब में घड़ी रखने से गिरने का डर नहीं रहेता था और ना ही पॉकेट में रखी दूसरी चीज़ों से घडी में स्क्रैच लगने का डर रहता था.

निष्कर्ष


तो दोस्तों अगली बार जीन्स की छोटी जेब में सिक्के रखते समय इसके इस इतिहास को याद जरुर करना और सोचा कि ये छोटी सी पॉकेट अपने अंदर कितना बड़ा इतिहास लेकर बैठी है.


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