बडी जानकारी – आखिर क्यों डीजल इंजन को पटरियों पर बंद नहीं किया जाता ?

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दोस्तों आज जब सफर करने की बात आती हैं तो भारत जैसे शहर में यात्रा करने का अहम माध्यम भारतीय रेलवे बन गया है। लंबी दूरी का सफर तय करना हो या फिर आस पास का सफर रेल की यात्रा सुखद मानी जाती है।

भारतीय रेलवे से जुड़ी एक रोचक जानकारी

आज हम सभी आय दिन ही अपनी यात्रा के लिए रेलवे से सफर करना मुनासिब समझते हैं, अपनी इस यात्रा के दौरान क्या आपने कभी गौर किया है कि कभी रेलवे प्लैटफॉर्म पर डीजल इंजन खत्म नहीं होता है ये हमेशा ही चालू स्थिति में होता है।

क्या आपने कभी गौर किया कि आखिर ऐसा क्यों किया जाता है ?

रेलवे में सफर करने के दौरान यह गौर करने वाली बात है कि आखिर ऐसा क्यों होता है या फिर इसकी वजह क्या है?

भारतीय रेलवे से ही जुड़ी यह जरुरी जानकारी आज हम आपको बताने जा रहे हैं।

आखिर क्यों रेलवे में डीजल इंजन हमेशा रहता है ऑन

दोस्तों जिस दौरान भी डीजल इंजन प्लैटफॉर्म पर खड़ा रहता है तो वह चालू स्थिति में होता है।

इसके पीछे एक मुख्य वजह है कि डीजल इंजन को बंद करने से ज्यादा चालू होने में समय लगता है।

दोबारा चालू करने में ही लग जाती है ईंधन की इतनी खपत

इसके साथ ही डीजल इंजन को चालू करने मे कम से कम 200 लीटर डीजल इंजन की आवश्यकता होती है।

इतना तो ईंधन ट्रेन 24 घंटे चालू रहने पर खर्च करती है।

इससे साफ है कि ईंधन की खपत को बचाने के लिए ही इंजन को बंद नहीं किया जाता है।

ईंधन के खर्चे को बचाने के लिए डील इंजन हमेशा रहता है ऑन

यही इसके पीछे की मुख्य वजह है कि प्लैटफॉर्म पर रहने के दौरान इस डीजल इंजन को बंद नहीं किया जाता है।

तो दोस्तों हमारी यह खबर पढ़ने के बाद आपको यह जरुर पता चल गया होगा कि भारतीय रेलवे से जुड़ी इस चीज के पीछे असल कारण क्या है।

Story Source : https://www.youtube.com/watch?v=E_4kUvzgVWU


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