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अगले साल देश में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं जिसके मद्देनज़र राजनीतिक दलों में अभी से बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।

चुनावों प्रचार के दौरान राजनेताओं अपनी इसी बयानबाजी और भाषणबाज़ी से अपने पक्ष में माहौल बनाते हैं।

वहीँ चुनाव के दौरान कई तरह के गठजोड़ बनते-टूटते भी नज़र आते रहे हैं।

कई नेता पार्टियां बदलकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा देते हैं।

ऐसी स्थिति में दलों में कई दिलचस्प बदलाव देखने को मिलते हैं।

अब जनता बीजेपी के पाले में आने वाली नहीं


इस वक़्त केंद्र में मोदी सरकार सत्ता में है। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने मोदी और अमित शाह के दम पर बहुमत हासिल की थी।

उस दौरान कई हिंदूवादी संगठनों ने बीजेपी के लिए प्रचार किया था। हिन्दू राष्ट्र के नाम पर बीजेपी ने खूब वोट बटोरे थे।

अपने चुनावी भाषणों में पीएम मोदी ने यूपीए की मनमोहन सरकार पर कई तरह के लान-छान लगा कर जनता को अपने पाले में लिया था।

लेकिन अब हालात बदल चुके हैं, जनता के सामने बीजेपी का सच उजागर हो हो चुका है।

बीजेपी के दिग्गज नेता ने की राहुल की तारीफ़

अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में पार्टी पहले से काफी मजबूत हो रही है।

राहुल किसानों और युवाओ, जोकि देश का बहुत अहम हिस्सा है, के बीच जाकर उनकी बात को सुन भी रहे हैं और अपनी डायरी में नोट भी कर रहे हैं।

राहुल गांधी अपने भाषणों में बीजेपी पर सीधा हमला बोलते हैं।

हाल ही में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व दिग्गज नेता लाल कृष्ण आडवाणी के सहयोगी रहे सुधींद्र कुलकर्णी ने अपने बयान में राहुल गाँधी की काफी तारीफ़ की है।

राहुल गांधी बनेंगे देश के अगले प्रधानमंत्री


कांग्रेस अध्यक्ष राहुल की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि,

“भारत को राहुल जैसे नेता की जरूरत है और वह देश के अगले प्रधानमंत्री बनेंगे। उनका ये बयान सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।”

राहुल की तारीफ़ में कही गई उनकी इन दो लाइनों पर काफी कयास लगाए जाने लगे हैं।

इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने पर भी उनको बधाई देते हुए सोशल मीडिया साइट पर ट्वीट कर कहा है।

‘आज मैं अधिक आश्वस्त हूं कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी देश के अगले प्रधानमंत्री बनेंगे और उन्हें बनना भी चाहिए। एक नए नेता का उदय हुआ है। भारत को ऐसे नेता की जरूरत है।’

निष्कर्ष:

 

आज देश में बीजेपी जिस तरह से भगवाकरण पर उतारू हो चुकी है, ऐसे में माना जा रहा है कि देश को एक सेक्युलर स्वरुप वाली सरकार की जरूरत है, जोकि देशवासियों के संवैधानिक अधिकारों को समझे और उनका सम्मान करे।

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