सोनिया गांधी ने महागठबंधन को लेकर उठाया ये बड़ा कदम, मोदी शाह हैरान - वायरल इन इंडिया - Viral in India - NEWS, POLITICS, NARENDRA MODI

सोनिया गांधी ने महागठबंधन को लेकर उठाया ये बड़ा कदम, मोदी शाह हैरान

देशभर में कांग्रेस ही अकेली ऐसी पार्टी हैं जो सहयोगियों को साथ लेकर चलना जानती है और अपनी इसी बात का फायदा उठाते हुए कांग्रेस की वरिष्ट नेता सोनिया गांघी ने 2019 को लेकर एक नई रणनीति तैयार करते हुए एक बड़ा कदम उठाया है.

2019 के लिए सोनिया गांधी की रणनीति 

बता दें कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने बीजेपी विरोधी सभी विपक्षी दलों के नेताओं को 13 मार्च को अपने आवास पर डिनर के लिए आमंत्रित करते हुए बीजेपी को झटका दे दिया है. सोनिया गाँधी के इस फैसलें को अब बीजेपी अपने खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने के ताजा प्रयास के रूप में देख रही है.

बीजेपी विरोधियों को साथ लाने की है मुहीम 

कांग्रेस सूत्रों ने खुद इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि..

“संसद में सरकार पर हमला बोलने के लिए विपक्षी दलों द्वारा हाथ मिलाए जाने की पृष्ठभूमि में यह पहल विपक्ष को मजबूत करने और 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए संयुक्त मोर्चे की नींव रखने की दिशा में एक कदम है.”

कई विरोधी पहले ही दे चुके थे प्रस्ताव 

इसी के साथ राजनितिक विशेषज्ञों की माने तो सोनिया गांधी की ये पहल उस वक्त सामने आई हैं जब गैर बीजेपी, गैर कांग्रेस मोर्चा की संभावनाओं को लेकर पहले ही चर्चा हो रही है. इससे पहले अगर याद हो तो टीआरएस प्रमुख एवं तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चन्द्रशेखर राव ने भी इस मामले में राष्ट्रीय स्तर पर सभी दलों को विचार विमर्श करने का प्रस्ताव दिया था.

रात्रिभोज के बाहने बीजेपी के खिलाफ तैयार होगा महागठबंधन

कांग्रेस के करीबी सूत्रों ने इस बात की पुष्टि करते हुए ये भी बताया कि..”

“सोनिया गांधी का रात्रिभोज उन सभी विपक्षी दलों के साथ आने को रेखांकित करेगा जो संसद के भीतर और बाहर बीजेपी का मुकाबला करेंगे. यह महज रात्रिभोज नहीं होगा बल्कि यह विपक्षी दलों का शक्ति प्रदर्शन भी होगा जो बीजेपी के कुशासन के खिलाफ एकजुट होकर एक मोर्चा गठित करना प्रारंभ कर सकते हैं.”

ममता बनर्जी भी होगी शामिल

इसी के साथ खबर ये भी है कि इस रात्रिभोज में लगभग सभी शीर्ष विपक्षी नेता जिसमें तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी भी शामिल होंगी. हालांकि अभी ममता की ओर से इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि वे इसमें शामिल होंगी या नहीं.

निष्कर्ष

अभी तक कांग्रेस ही बीजेपी के गढ़ में सेंध लगा रही थी ऐसे में सभी विपक्षी पार्टियों के साथ आ जाने से बीजेपी कों इस बात का कितना बड़ा ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ सकता है ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा.

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