Exclusive: जानिए आखिर क्यों मध्यप्रदेश कांग्रेस से राहुल गांधी है नाराज़..! अपनी ‘दूत’ के हाथों भिजवाया अपना नाराज़गी संदेश

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अध्यक्ष बनते ही राहुल गाँधी ने पार्टी की सारी भाग-दौड़ अपने हाथों में ले ली है. जिसके बाद अब बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश कांग्रेस के कामकाज को देखते हुए पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी उनसें नाराज़ नजर आ रहे हैं.

मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी के कामकाज से है राहुल नाराज़

जी हाँ राजधानी दिल्ली में स्थित कांग्रेस मुख्यालय 24 अकबर रोड के गलियारों में ये चर्चाएं हो रही हैं कि राहुल गांधी को मिले फीडबैक के मुताबिक मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी विपक्ष की जिम्मेदारी निभाते हुए सही और बड़े मुद्दे नहीं उठा रही है.

इन दिनों न केवल दिल्ली में बल्कि मध्य प्रदेश कांग्रेस में भी इस बात को लेकर हलचल तेज है. इसको लेकर अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने साफ़ कर दिया है कि वो खुद भी अब इस बात पर ध्यान दे रहे हैं.

भोपाल कांग्रेस के लिए राहुल गाँधी ने भिजवाया एक ख़ास सन्देश 

ये मामला राहुल गाँधी के सामने उस वक्त आया जब हाल ही में कांग्रेस की राष्ट्रीय आईटी सेल की संयोजक और राहुल गांधी की बेहद करीब मानी जाने वाली दिव्या स्पंदना भोपाल दौरे पर आईं थीं.

दिव्या अपने साथ इस दौरे पर पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए राहुल गाँधी का एक ख़ास सन्देश भी लेकर आई थी. जिसमे साफ़ था कि “राहुल नाराज़ हैं. वो प्रदेश कांग्रेस की परफॉरर्मेंस से खुश नहीं है.”

बीजेपी के जाल में फंस रही है कांग्रेस 

दिव्या स्पंदना ने अपने इस दौरे के दौरान कहा कि “विपक्ष होने के नाते मुद्दे उठाने में कांग्रेस नाकाम हो रही है.” कांग्रेस हाइकमान की माने तो कांग्रेस पार्टी बीजेपी के परोसे हुए मुद्दों और लाइन पर काम कर रही है. बीजेपी जाल बिछाती है और कांग्रेस उस जाल में फंसकर उसी लाइन पर चल पड़ती है जिसपर बीजेपी चाहती है.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने मानी अपनी गलती

इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने भी साफ कह दिया कि “वो इस बात से इत्तेफाक रखते हैं और आगे से इस बात का ख्याल रखा जाएगा कि ऐसी बाते नहीं दोहराई जाएं. हालांकि फिलहाल जो मुद्दे हैं वो वक्त पर उठाए जा रहे हैं.”

14 साल से विपक्ष होने के नाते प्रदेश कांग्रेस ने नहीं उठाया कोई भी बड़ा मुद्दा

अध्यक्ष राहुल गाँधी मध्यप्रदेश कांग्रेस के कामकाज से इसलिए भी नाराज़ है क्योंकि प्रदेश में 14 साल से सत्ता से बाहर होने के बाद भी कांग्रेस पार्टी शिवराज सरकार के खिलाफ कोई भी बड़ा आंदोलन खड़ा करने में बिलकुल नाकाम रही है. ऐसे में पार्टी हाईकमान का ये समझना कि एमपी कांग्रेस में सब कुछ ठीक तो नहीं है, शायद गलत भी नहीं है.


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