कर्नाटक निकाय चुनावों के परिणाम घोषित, कांग्रेस को मिली बड़ी जीत, वही शाह की उडी नींद

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देश में पिछले पांच सालों से जनता राजनीति को लेकर जितनी सक्रिय हो गई है उतना पहले कभी नहीं थी। ऐसा इसलिए क्यूंकि पहले कभी भी कांग्रेस के राज में राजनीति और विपक्ष का समर्थन इतना आक्रामक रूप नहीं लेता था। पिछले कुछ समय में फैली गुंडागर्दी और गालीगलौच के माहौल ने राजनीति की परिभाषा बिगाड़ कर रख दी है।

1. मोदी का नाटक नहीं चला इन कर्णाटक

मोदी ने पूरे देश में जहाँ जहाँ भी चुनाव हुए हैं वहां-वहां जाकर स्टेजों पर कई तरह के नाटक किये हैं। जुमलों की मूसलाधार बौछार और वादों ने सुतली बम चलकर मोदी जीत का सपना देश रहा था। लेकिन कर्नाटक ने मोदी का कोई नाटक नहीं चल पाया।

2. शहरी निकाय चुनावों में कांग्रेस को मिली जीत

कर्नाटक में महीनों पहले विधानसभा चुनावों में बीजेपी को पठखनी देने के बाद अब कांग्रेस ने शहरी निकाय चुनावों में भी बीजेपी को धो डाला है। अगस्त की 31 तारीख को हुए इन चुनावों के नतीजों के बाद बीजेपी में मातम का माहौल है। कांग्रेस ने 982 सीटों पर विजयी रहकर जीत हासिल की है। वहीँ जेडीएस ने इन चुनावों में 325 सीटें हासिल की हैं।

3. बीजेपी की जुमलेबाजी हुई फेल

प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के प्रचार में बीजेपी ने जम कर जुमलेबाजी की। बीजेपी का सोचना था कि बाकी देश की तरह कर्नाटका के लोग भी भगवाधारियों के बहकावे में आ जायेंगे। लेकिन बीजेपी की यह चाल कामयाब नहीं हुई लोगों ने सिस्टम में कचरा न रखने की कसम खाते हुए कांग्रेस को समर्थन दे दिया।

4. मोदी-शाह को डूबता दिख रहा है अपना बेड़ा

लगातार हार के बाद मोदी और शाह की जोड़ी की नींदें हराम हो चुकी हैं। ऐसा ही चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब शाह और मोदी दोनों को दिल के दौरे से बचने के लिए एस्प्रिन जैसी दवाइयों को साथी बनाना पड़े। वैसे भी मोदी-शाह की कीमत संघ और बीजेपी में लगातार रूपये की तरह गिर ही रही है।

5.  2019 के बाद सड़क पर आ जायेगे कई भाजपाई नेता

2019 में चुनावों में अगर बीजेपी लोगों को बेवकूफ बनाने में फेल हो जाती है तो यकीन मानिये कई भाजपाई नेता सीधे सड़क पर आ जायेंगे। मोदी और शाह के आसरे कई नेताओं ने अपनी पूर्व पार्टियों के खिलाफ बेहद भद्दी टिप्पणियां की हैं। बीजेपी का यूज़ एंड थ्रो फार्मूला इन नेताओं को सड़क पर ले आएगा।

निष्कर्ष:

देश में धीरे धीरे भगवा गुंडाराज ख़त्म हो रहा है 2019 के चुनावों में इसका पूरी तरह सफाया हो जायेगा।


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