वोट शेयर घोटाला- जीतकर भी कैसे हार रही है कांग्रेस पार्टी ? - वायरल इन इंडिया - Viral in India - NEWS, POLITICS, NARENDRA MODI

वोट शेयर घोटाला- जीतकर भी कैसे हार रही है कांग्रेस पार्टी ?

देशवासियों क्या कोई बता सकता है कांग्रेस ने 38%, 68327131 वोट पाकर 64 सीटें जीती, वही भाजपा 37.1% 6679468 वोट पाकर 113 सीटें कैसे ले गई?

मंगलवार की सुबह कर्नाटक चुनाव के नतीजे लेकर आई.

12 मई को हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव हर राजनितिक पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण थे.

जिसके लिए हर पार्टी ने अपनी जीत सुनिश्चित करते हुए प्रचार-प्रसार में जमकर कर्नाटक के मतदाताओं को लुभाने का प्रयास किया.

ऐसे में अब 15 मई कर्नाटक के लिए बेहद अहम साबित होने वाली है.

कर्नाटक चुनाव के नतीज़ों ने सबको कर दिया हैरान

अभी तक के रुझानों में भाजपा ने कांग्रेस पर बड़ी बढ़त बनाते हुए हर किसी को हैरान कर दिया है.

दोपहर 1.15 बजे तक की मतगणना में भाजपा ने 113 सीटों पर बढ़त बनाई है तो कांग्रेस 64 सीटों पर आगे चल रही है.

वहीं जेडीएस के उम्मीदवार 39 सीटों पर आगे चल रहे हैं. एक जगह पर निर्दलीय उम्मीदवार आगे है.

लेकिन अगर कर्नाटक की सभी सीटों पर गहराई से नज़र डाले तो कांग्रेस हारकर भी जीतती नज़र आएगी.

कांग्रेस जीतते हुए भी कैसे हार रही है ?


जी हाँ अगर कर्नाटक चुनाव के वोट बैंक को ध्यान पूर्वक समझेंगे तो आपको एक बड़ी गड़बड़ी का पता चलेगा.

ऊपर दिया गया ग्राफ कर्नाटक के वोट बैंक को दर्शा रहा है.

जिसमें साफ़ तौर पर देख सकते हैं कि कांग्रेस को कुल वोट में से 38%, यानी कि लगभग 68327131 वोट मिले हैं जिसके बाद ही कांग्रेस महज 64 सीटें अपने नाम कर पा रही है.

लेकिन वहीं पर अगर आप बीजेपी के वोट बैंक कर गणित को समझेंगे तो आपको नज़र आएगा कि बीजेपी यहाँ कांग्रेस से 1 % पीछे चलते हुए  37.1% यानी कि महज 6679468 वोट पाकर भी कांग्रेस से लगभग दोगुनी 113 सीटें अपने नाम कर रही है.

ऐसे में बड़ा सवाल ये उठ रहा हैं कि बीजेपी का कांग्रेस से वोटबैंक कम होते हुए भी भाजपा जीत कैसे रही है.?

क्या चुनाव आयोग जानकार बीजेपी को दिला रही हैं जीत

जब हमने इस मुद्दे पर अपने वरिष्ट पत्रकार अंशुमन से जानने की कोशिश की तो उन्होंने साफ़ तौर पर अपनी राय देते हुए इसके पीछे बीजेपी की साठ-गाठ चुनाव आयोग के साथ होने की आशंका जताई.

राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार ये अपने आप में ही बेहद बड़ा सवाल हैं कि बीजेपी के वोट कांग्रेस से कम होते हुए भी भाजपा की सीटें ज्यादा हैं.

ये कर्नाटक चुनाव में एक ऐसा सवाल आ खड़ा हो गया हैं जिसे देख सब रहे हैं लेकिन समझ कोई नहीं पा रहा.

कांग्रेस भी उठा रही हैं सवाल

इसी सवाल के कश्मो-कश में कांग्रेस भी बीजेपी पर एक बार फिर कई आरोप लगाते हुए किसी बड़े घोटाले की ओर ईशारा कर रही है.

गौरतलब हैं कि कर्नाटक चुनाव के दौरान हुए ओपिनियन पोल से लेकर एग्जिट पोल तक हर जगह हर कांग्रेस बढ़त बनाती नज़र आ रही थी,

लेकिन नतीजे जब इसके विपरीत बीजेपी के पक्ष में आए. तो वाकई हर कोई ये मानाने को तैयार नहीं नज़र आ रहा कि बीजेपी वाकई निष्पक्षता के साथ जीत रही है.

निष्कर्ष

जानकारी के लिए बता दें कि राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा की 222 सीटों पर 12 मई को मतदान हुआ था. जहाँ आरआर नगर सीट पर चुनावी गड़बड़ी की शिकायत के चलते मतदान स्थगित कर दिया गया था. तो वहीं जयनगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार के निधन के चलते मतदान टाल दिया गया था. ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस के कुल वोट बैंक के गणित को देखते हुए बीजेपी की सीट किसी को हजम नही हो पा रही है.

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