एमपी विधानसभा चुनाव 2018 : फिर बदल गया सट्टा बाजार का रुख

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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों के अपने अपने दावे हैं लेकिन तमाम ओपिनियन पोल और राजनीतिक विश्लेषक कांग्रेस को बहुमत का दावा कर रहे हैं. सट्टा बाजार का हाल भी कोई इससे अलग नहीं है. सट्टा बाजार के अनुसार मध्य प्रदेश में कांग्रेस 15 साल बाद सत्ता में वापसी करती दिख रही है.

1. भाजपा का नहीं दिखता कोई चांस

सट्टेबाजी के लिए मशहूर एमपी के रतलाम सट्टा बाजार के मुताबिक मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों में से कांग्रेस जहां 118 से 120 सीटों पर कब्जा कर सकती है तो वहीं भाजपा 95 से लेकर 97 सीटों पर सिमट सकती है.

2. हो सकता है कुशासन का अंत

 

अगर सट्टा बाजार के अनुमानों के मुताबिक हीं परिणाम आते हैं तो मध्य प्रदेश में भाजपा के 15 सालों के कुशासन का अंत हो सकता है. जाहिर है कि इन अनुमानों से जहां कांग्रेस में खुशी की लहर दौड़ रही है तो वहीं भाजपा में बेचैनी का माहौल है.

3. कमल नहीं कमलनाथ चाहिए

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में गांव गलियों में एक ही नारा सुनाई पड़ रहा था, कमल नहीं कमलनाथ चाहिए. कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के संसदीय क्षेत्र छिंदवाड़ा के विकास मॉडल से जहां प्रदेश की जनता उत्साहित थी तो वहीं युवाओं ने रोजगार को लेकर कमलनाथ के रिकॉर्ड और प्रतिबद्धता पर भरोसा जताया .


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