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सिंधिया राजपरिवार द्वारा झील किनारे बनाए गए इस शाही पैलेस में रूकेंगे पीएम मोदी

वायरल इन इंडिया संवाददाता -
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जीवाजी राव सिंधिया द्वारा फ्रांसीसी स्टाइल में बनाया गया एक पैलेस झील के किनारे काफी खूबसूरत लगता है। अब यहां पर बीएसएफ का मुख्यालय है। इस मुख्यालय से खतरनाक कमांडो को विशेष ट्रेनिंग दी जाती है।

इस पैलेस में भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ऑल इंडिया पुलिस डीजी कॉन्फ्रेंस के दौरान यहां पर रूकेंगे। तीन दिन तक चलने वाली डीजी कॉन्फ्रेंस की शुरूआत शनिवार से हो गई है।

रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इसमें शामिल हुए। जानकारी के अनुसार दो दिनों तक पीएम मोदी के यहां पर रूकने का कार्यक्रम है। झील के किनारे बना ये पैलेस ठीस वैसा ही लगता है जैसे  एक क्रूज शिप समुद्र में चल रहा हो। इस पैलेस का निर्माण  सिंधिया राजवंश ने शिकार खेलने व आराम करने के लिए बनाया था। लेकिन अब ये पैलेस बीएसएफ के पास है।


पीएम मोदी भी इसी शानदार पैलेस में रूके हुए है। टेकनपुर स्थित इस पैलेस का नाम सुरक्षा भवन है। इसकी खूबसूरती की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है। इस पैलेस का एक हिस्सा झील की ओर देखता हुआ है। इस पैलेस को फाइव स्टार होटल जैसा दर्जा मिला हुआ है।

अत्यन्त आलीशान इस पैलेस में हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध है। यहां पर वीवीआईपी मेहमानों के रूकने की भी शानदार व्यवस्था की जाती है। पीएम मोदी के यहां पर ठहरने के लिए बेहद खास इंतजाम किए गए है।

क्रूज पैलेस का इतिहास

जानकारी के अनुसार टेकनपुर में करीब 5 दशक पहले बीएसएफ अकादमी की स्थापना की गई थी। सिंधिया राजपरिवार ने 1965 में महज 6.41 लाख रूपए में पैलेस के साथ जमीन को बीएसएफ को सौंप दिया था। इसमें झील के साथ करीब 3000 एकड़ जमीन है और इसमें 643 एकड़ जमीन में एक झील बनी हुई है।

स्पेनिश आर्किटेक्ट का बनाया हुआ है ये पैलेस

झील के किनारे स्थित इस पैलेस का निर्माण  स्पेनिश आर्किटेक्ट टीए रीटिच ने  किया था। दरअसल कहा जाता है कि जीवाजी राव सिंधिया ने फ्रांस में तैरता हुआ एक पैलेस देखा था।

बस उसी के बाद से जीवाजी के दिमाग में वैसा ही पैलेस बनाने का विचार आया। इस पैलेस का निर्माण पुणे के विलास पैलेसे के जैसा है। यह पैलेस 12500 वर्ग फीट में बना है और चार मंजिला भवन में 45 कमरे है।

फिलहाल बीएसएफ का ट्रेनिंग मुख्यालय

सिंधिया राजपरिवार से इस पैलेस को बीएसएफ को सौंपे जाने के बाद इसे बीएसएफ के मुख्यालय के रूप में तब्दील किया गया।

बीएसएफ ने इसे सुरक्षा भवन का नाम दिया। जानकारी के अनुसार यहां पर बीएसएफ के अफसरों व अधिकारियों के अलावा खतरनाक कमांडोज तैयार किए जाते है। बीएसएफ के हर एक कमांडो को टेकनपुर की इस अकादमी में आकर अपना कोर्स पूरा करना होता है।

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