पहले कांग्रेस को दिया झटका, फिर बीजेपी को झटका और अब एक बार फिर... - वायरल इन इंडिया - Viral in India - NEWS, POLITICS, NARENDRA MODI

पहले कांग्रेस को दिया झटका, फिर बीजेपी को झटका और अब एक बार फिर…

देश की राजनीति में कब क्या हो जाए इस बात का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। अब तक हमारे सामने तथ्यों के द्वारा जो जानकारी सामने आती है उस हिसाब से कहा जाए तो हर राजनीतिक पार्टी खुद को मजबूत बनाने के लिए हर दांव पेंच को अपनाने के लिए तैयार रहती है।

पार्टी और राजनेताओं की असल राजनीति

दूसरी तरफ गौर करें तो यह रणनीति सिर्फ पार्टियों तक सीमित नहीं बल्कि व्यक्तिगत रुप से देखें तो राजनेता भी अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए हर हथकंडे अपनाने का प्रयास करते हैं। अब ऐसा ही कुछ हाल ही में हुए वाक्या में देखने को मिला।

जहां कांग्रेस पार्टी के पूर्व नेता और दिल्ली से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके अरविंदर सिंह लवली ने बीजेपी को छोड़ दोबारा से कांग्रेस का दामन थाम लिया है। आइये आपको बताएं पूरा मामला।

अरविंदर सिंह लवली का राजनीति में नया मोड़

दिल्ली में कांग्रेस के अध्यक्ष की कुर्सी संभाल चुके और मौजूदा समय में बीजेपी के नेता अरविंदर सिंह लवली ने एक बार फिर अपनी राजनीति का रास्ता बदल दिया है। इस बार अरविंदर सिंह लवली ने बीजेपी से अपना नाता तोड़ फिर से कांग्रेस का हाथ थाम लिया है।

दिल्ली के कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने दी जानकारी

दिल्ली कांग्रेस के मौजूदा अध्यक्ष अजय माकन ने खुद इस बारे में जानकारी मीडिया को दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खबर है कि बीजेपी नेता लवली ने हाल ही में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात भी की थी। इस मुलाकात के बाद से ही लवली ने कांग्रेस पार्टी में आने का फैसला लिया है।

पार्टी बदलने की ये है अहम वजह

अरविंदर सिंह लवली का इस तरह से पार्टी बदलने के फैसले के लिए कहा जा रहा है कि उनके बीजेपी पार्टी में शामिल होने के इतने लंबे वक्त के बाद भी उन्हें पार्टी द्वारा किसी भी तरह की कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई। वहीं इस बात से नाराज अरविदंर सिंह लवली ने सीधे तौर पर पार्टी से खुद को किनारे करने का फैसला कर लिया है।

कांग्रेस के लिए इस तरह से खास है अरविंदर की घर वापसी

वहीं नेशन कांग्रेस पार्टी के लिहाज से अरविंदर की घर वापसी को देखा जाए तो यह उसके लिए राहत की सास से कम नहीं है। क्योंकि मौजूदा समय में पार्टी की आंतरिक गुटबाजी का शिकार और दिल्ली में हाशिए पर चल रही पार्टी के ऐसे में अरविंदर का आना पार्टी की इन परिस्थितियों को नया मोड़ दे सकता है।

दिल्ली की राजनीति में क्या है इसके मायने

दूसरी और दिल्ली की राजनीतिक हालातों को देखते हुए बात करें तो इस समय सत्ता पर बैठी आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को निष्कासित किए जाने के बाद से ही विधानसभा की इन 20 सीटों पर उपचुनाव की खबरें भी धीरे धीरे तूल पकड़ रही हैं। ऐसे में कांग्रेस के लिए अरविंदर की वापसी से फायदे होने के उम्मीद लगाई जा सकती है।

दिल्ली में सिखों के बीच अरविंदर की मजबूत पकड़

दिल्ली में अरविंदर सिंह लवली के लोगों के बीच राजीतिक कनेक्शन की बात करों तो यहां रहने वाले सिख वोटरों पर लवली का अच्छा खासा रुतबा है। इन लोगों के बीच लवली की पकड़ काफी मजबूत और अच्छी है। इस बात को ही ध्यान में रखते हुए कांग्रसे अरविंदर को अपनी पार्टी के लिए एक शुभ संकेत के रुप में देख रही है।

आपको बता दें कि पिछले साल दिल्ली में हुए एमसीडी के चुनावों के दौरान ही अरविंदर सिंह लवली ने कांग्रेस पार्टी को छोड़कर बीजेपी की तरफ अपना रुख मोड़ लिया था। लवली के कांग्रेस छोड़ने की वजह पर गौर करें तो दिल्ली से कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष अजय माकन के साथ उनके विवादों की से ही उन्होंने कांग्रेस को छोड़ने का फैसला किया था।

लेकिन अरविंदर सिंह लवली कांग्रेस पार्टी के लिए और दिल्ली की राजनीति में कोई नया नाम नहीं है। इससे पहले अरविंदर कई बार विधायक रह चुके हैं। वहीं कांग्रेस की पूर्व सीएम शीला दीक्षित की सरकार में भी वह कई अहम मंत्रालय संभाल चुके हैं।

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