बेहाल पड़ी हुई कांग्रेस पार्टी के लिए राहुल गाँधी के ये 5 मंत्र करेंगे संजीवनी बूटी जैसा काम

कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर हुए चुनाव में बहुत कुछ देखने को मिला जिसमे इसी पार्टी के कुछ सीनियर नेताओं ने कांग्रेस से मुखालफत की और राहुल के खिलाफ खड़े दिखे लेकिन अंत में राहुल गाँधी इस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गये और इस पार्टी की सारी कमान अब उनके हाथों में हैं लेकिन राहुल के हाथों में इस पार्टी की जिम्मेदारी का दौर उस समय आया है जब ये पार्टी अपने सबसे बुरे दौर में चल रही है |

कांग्रेस पार्टी है अभी इतनी मुश्किल में

जब 2014 का लोकसभा का चुनाव हुआ उसके पहले तक कांग्रेस सत्ता में काबिज थी लेकिन इस चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी का समय ख़राब आगया और इस चुनाव में कांग्रेस पूरे देश में लोकसभा में 50 सीटों से भी नीचे सिमटकर रह गयी |

इसके बाद उसके हाथ से जिन राज्यों में उनकी सरकार थी वो भी निकल गये | इस सबने पहले से ही जूझ रही पार्टी का हाल और बेहाल कर दिया | ऐसे में फिर से कांग्रेस को फ्रंट पर लाने की सारी जिम्मेदारी राहुल गाँधी के ऊपर आगयी है |

राहुल के आगे हैं तमाम चुनौतियाँ

पार्टी को फिर से जनता के बीच में लाने के लिए राहुल के आगे अभी बहुत सी समस्याएं खड़ी हैं जिसमे सबसे अहम जिम्मेदारी है कि देश की सबसे पुरानी और बड़ी पार्टी में राहुल जान डालकर कैसे जनता के सामने लाते हैं |

यहाँ राहुल के सामने सबसे बड़ी  समस्या बूथ लेबल पर पार्टी को फिर से जिन्दा करना है | अभी हाल में जो खस्ता हाल इस पार्टी का है उसका सबसे बड़ा कारण ही बूथ लेबल पर पार्टी का न होना रहा है |

हालाँकि जिस तरीके से राहुल गाँधी ने गुजरात चुनाव को लेकर सरगर्मी से अपनी भूमिका निभाई उससे एक बार फिर से कांग्रेस पर लोगों का विश्वास आता दिख रहा है और लग रहा है कि पार्टी फिर से वापस फॉर्म में आ जाएगी | इस चुनाव में पार्टी के नेता से लेकर कार्यकर्ता तक जमीनी स्तर पर दिखे |

युवाओ और आम आदमी से सीधा जुडाव

राहुल भी इस बात को मानते हैं कि आम आदमी और युवाओं से जुड़ना जरूरी है तभी तो उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि जब आप जमीन पर जाकर किसान से मिलते हैं और हाथ मिलाते है तो आप उनका दर्द महसूस कर सकते हैं | राहुल लगातार लोगों से डायरेक्ट जुड़ते हुए देखे भी जा रहे हैं |

विजन हो साफ़ और एक्शन हो तुरंत

ये मंत्र सबसे जरूरी होता है और राहुल के नेतृत्व में ये सब दिख भी रहा है और पार्टी में त्वरित फैसले होने लगे हैं जैसे अभी मणिशंकर अय्यर मामले में राहुल ने तुरंत एक्शन लेते हुए उन्हें पार्टी से निष्काषित कर दिया | राहुल ने गुजरात चुनावों में ही विजन साफ़ करते हुए बता दिया है कि पार्टी किन मुद्दों पर आगे जाएगी |

गुजरात में जो प्रयोग हुआ वो देशव्यापी दिखेगा

राहुल गाँधी ने गुजरात चुनाव में बहुत से सफल प्रयोग किये हैं | यहाँ पर छोटे छोटे बूथ लेबल के नेताओं को साथ जोड़ा गया और समर्थन पाने के लिहाज से जातीय कार्ड भी इस्तेमाल हुआ और वहीँ सॉफ्ट हिंदुत्व की झलक भी दिखी | इससे इतर वहां पर जो क्षेत्रीय मुद्दे थे वो भी राहुल ने उठाये | इस प्रयोग को राहुल देशव्यापी तौर पर आजमा सकते हैं |

दिख रहा है 2019 के लिए राहुल का एजेंडा

राहुल गाँधी की पूरी कोशिश है कि 2019 में उनकी पार्टी केंद्र की सत्ता में वापसी करे | इसके लिए राहुल गाँधी ने अपना एजेंडा भी बना लिया है कि जो मुद्दे उन्होंने गुजरात चुनाव में उठाये आगे भी वो 2019 के लोकसभा चुनाव में उठाये जायेंगे | व्यापारियों,युवाओ,किसानों के हितों को लेकर मोदी सरकार पर सीधा निशाना साधना उनके एजेंडे का अहम् हिस्सा है | राहुल इन मुद्दों से भाजपा को टक्कर देंगे |

देखिये वीडियो:-

Source-https://aajtak.intoday.in/story/rahul-gandhi-congress-president-youth-sonia-gandhi-tpt-1-971462.html

अपनी प्रतिक्रिया नीचे कमेंट में छोड़े

पोपुलर खबरें