14 बाहुबली नेताओं ने थामा कांग्रेस का हाथ, 2019 के लोकसभा चुनावों को लेकर हुआ पार्टी में बड़ा बदलाव

शेयर करें

जैसा की हम सब जानते हैं की 2019 के लोकसभा चुनावों को लेकर सभी पार्टियों में इन दिनों हलचल मची हुई है। चाहे भाजपा हो या कांग्रेस, सभी पार्टी नए-नए प्रयोग करने में लगी हुई हैं। सभी अपने अपने तरीके से जीत की तैयारी कर रही है जिसके लिए वो दिन-रात अलग-अलग रणनीति भी बना रही है।

भाजपा को टक्कर देने के लिए कांग्रेस ने भी बना ली रणनीति

जैसा सभी देख सकते हैं की देश के बिगड़ते हालात को देखते हुए कांग्रेस ने भाजपा को घेरने कि तैयारी शुरू कर दी है.

जिसे देख भाजपा भी अपनी मन-मानी पर उतर आयी है, जिसका खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ रहा है.

बिजनेसमैन, किसान, से लेकर विधार्थी हर कोई मोदी सरकार के खिलाफ नज़र आ रहा है.

मतलब साफ़ है की हर स्तर का व्यक्ति भाजपा सरकार से परेशान चल रहा है। सभी इस सरकार से छुटकारा चाह रहे है।

14 बाहुबली नेताओं ने थामा कांग्रेस का हाथ

लोगो कि परेशानी को भली-भाति समझते हुए ही कांग्रेस ने कई अहम फैसले ले लिए है.

2019 के लोकसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने पार्टी में कई तरह के छोटे-बड़े फेरबदल करने की योजना बनाई है.

इसके चलते ही पार्टी अध्यक्ष राहुल गाँधी ने 14 नए चेहरे को मौका देते हुए हर किसी को हैरान कर दिया है.

जानकारी के लिए बता दें की कांग्रेस ने रांची में अपनी नयी टीम बनाई हैं जिसमे उसने 14 बाहुबली नेता और कुछ पुराने और कर्मठ नेताओं को पार्टी प्रचार के लिए मौका दिया है.

इनमे शिवशंकर प्रजापति व रवींद्र वर्मा को धनबाद की जिम्मेदारी दी गयी है.

नयी कमेटी में जोड़े गए नेताओ के नाम

कांग्रेस ने कमेटी में जिन नए नेताओं और कार्यकर्ताओं को जोड़ा है उनके नाम है:-

  1. संजय पांडेय, जिन्हे बनाया गया है रांची महानगर का अध्यक्ष,
  2. सुरेश बैठा जो रांची के ग्रामीण छेत्रों के देखेंगे,
  3. साजिद अहमद चांगु (लोहरदगा),
  4. मनोज पिंकू सहाय (कोडरमा),
  5. छोटो राम किस्कू (सरायकेला-खरसावां),
  6. देव कुमार राज (हजारीबाग),
  7. मुक्ता मंडल (जामताड़ा),
  8. इमदाद हुसैन (चतरा),
  9. दिनेश यादव (गोड्डा),
  10. अनुकूल मिश्रा (साहेबगंज),
  11. मुनेश्वर उरांव (लातेहार),
  12. जैश रंजन पाठक (पलामू)
  13. मुन्ना पासवान (रामगढ़),
  14. अरविंद तूफानी (गढ़वा)|

कमेटी में जोड़े गए पुराने नेता

  1. ब्रजेंद्र सिंह (धनबाद)
  2. अनूप केसरी (सिमडेगा)
  3. विजय खान (पूर्वी सिंहभूम),
  4. नरेश वर्मा (गिरिडीह),
  5. सन्नी सिंकू (पश्चिमी सिंहभूम),
  6. श्यामल किशोर सिंह (दुमका),
  7.  मंजूर अंसारी (बोकारो)
  8. राम कृष्ण चौधरी (खूंटी)
  9. मुनमुन सहाय
  10. उदय लखवानी (पाकुड़)|

फेरबदल से होगा कांग्रेस को सबसे ज्यादा फायदा

सबसे अहम बात इन नए नामों में ये हैं की इन 14 नए लोगो में ज्यादातर नेता युवा हैं, जो पुरे जोश के साथ कांग्रेस पार्टी के लिए काम करना चाहते है,

इसी से उम्मीद लगायी जा सकती है कि कांग्रेस आने वाले लोकसभा चुनाव में रांची में अपनी जीत सुनिश्चित कर सकती है.

राजस्थान में भी चल रही हैं जीत की तैयारी

गौरतलब हैं की 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले मध्यप्रदेश और राजस्थान में भी विधानसभा चुनाव होने हैं.

जिसको लेकर भी कांग्रेस खासा उत्साहित नज़र आ रही है.

राजस्थान में अपनी जीत को लेकर कांग्रेस अपने नाकामयाब नेता को हटाने का मन बना चुकी है.

अभी तक कांग्रेस पार्टी ने लगभग 25 से 30 प्रतिसत कार्यकर्ताओं को हटाने पर अपनी मोहर लगा दी है.

जिसे देख बीजेपी अभी से अपनी हार स्वीकार करती नज़र आ रही है.

आलोक दूबे ने लगाया पार्टी पर अनदेखी का आरोप

अगर याद हो तो कांग्रेस ने पिछले बार पीआरओ कमेटी बनाई थी, जिसमें पार्टी की और से आलोक दूबे को चुनाव सदस्य प्रभारी बनाया गया था.

इस कमेटी के अध्यक्ष चरण दास महंत के देख-रेख में 10 माह तक सदस्यता अभियान चला था.

हालांकि कमेटी के कई सदस्यों की और से पार्टी पर अनदेखी के आरोप भी लगते रहे है.

निष्कर्ष

कांग्रेस जिस तेजी से फैसले लेते हुए उनपर अमल कर रही हैं उसे देख तो ऐसा ही प्रतीत हो रहा हैं की 2019 में इस चीज़ का फ़ायदा उसे बहुत बड़े स्तर पर मिल सकता है.


शेयर करें

अपनी प्रतिक्रिया नीचे कमेंट में छोड़े