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आ गया अभिषेक के सर्वे का रिजल्ट, देखिये देश की कितने प्रतिशत जनता rss पे बैन चाहती है…?

आज आपको देशभर में ऐसे कई चर्चित चेहरें मिल जाएंगे जो केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली और देश के अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा को जमकर घेरते नज़र आते हैं. इसी में से एक है YouTube सनसनी अभिषेक मिश्रा.

आरएसएस से लाकर मोदी तक की बेबाक़ तरीके से आलोचना करते हैं अभिषेक

अभिषेक सोशल मीडिया पर भाजपाईयों, आरएसएस और भक्तों की जमकर खिचाई करने के चलते आए दिन चर्चाओं में रहते हैं. अपने वीडियो और ऑफिशियल ट्वीटर अकाउंट के जरिये अभिषेक आरएसएस से लेकर प्रधानमंत्री मोदी तक की अपने स्टाइल में आलोचना करने के लिए मशहुर हैं. इसके चलते ही कई बार उन्हें धमकी भी मिल चुकी हैं. लेकिन बावजूद इसके, उनके यूट्यूब चैनल और उनके ट्वीटर अकाउंट को लाखों लोगों द्वारा फॉलो किया जाता है.

आचार्य प्रमोद और केजरीवाल के करीबी है अभिषेक


देश के गंभीर मुद्दों को लेकर सरकार को लेते हैं आड़े हाथों

अक्सर अपने ख़ास अंदाज़ में गंभीर मुद्दों को लेकर भाजपा और RSS की बजाने वाले अभिषेक ने इन दिनों एक बार फिर जब ट्वीटर पर आरएसएस को आड़े हाथों लिया तो माने ट्वीटर पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया.

दिग्विजय के साथ भी दिखते हैं

अभिषेक ने कराया आरएसएस को लेकर एक ख़ास सर्वे

दरअसल, अभिषेक ने हाल ही में ट्वीटर पर आरएसएस को लेकर लोगों से राय मागते हुए एक पोल कराया जिसमें उन्होंने देश की जनता से सवाल करते हुए लिखा कि, “1948 को आज ही के दिन सरदार वल्लभ भाई पटेल ने आरएसएस पर बेन लगाया था. ——- क्या आरएसएस को फिर से बैन कर देना चाहिए?” 

आपको जानकार हैरानी होगी कि अभिषेक द्वारा शुरू किये इस पोल में हज़ारों लोगों ने भाग लिया और जो आकड़ें सामने आये वो वाकई बेहद हैरान करने वाले हैं. बता दें कि अभिषेक के पोल में आरएसएस बैन करने को लेकर करीब 44 % लोगों ने जवाब हाँ में दिया तो वहीं 56 % का जवाब न में था.

करीब आधी जनता आरएसएस को बैन कराना चाहती है

गौरतलब है कि, 44 % देश का एक बड़ा तत्बा ये चाहता है कि जिस प्रकार साल 1948 को 9 फरवरी के दिन सरदार वल्लभ भाई पटेल ने आरएसएस पर बेन लगाया था, ठीक उसी तरह आज भी जनता की करीब आधी आबादी आरएसएस पर बैन लगाना चाहती है.

चलिए आप खुद देखें कैसे ट्वीटर पर हजारों लोग अभिषेक के इस पोल को सफल बनाते हुए प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

आप देख सकते है कि किस प्रकार हज़ारों लोग अभिषेक के पोल को समर्थन देते हुए आरएसएस को बैन करने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं, जो वाकई बेहद हैरान करने वाली है. इससे साफ़ होता है कि प्रधानमंत्री मोदी और भाजपाई चाहे कितना भी कह ले लेकिन देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा कही न कही इस संगठन को बंद करना चाहता है.

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