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अभी हाल में मोदी देश की सत्ता पर शीर्ष में काबिज हैं और देश को अपने हिसाब से आगे ले जा रहे हैं जो किसी खाई की तरफ बढने वाले रास्ते की ओर जा रहा है ! वहीँ जब मनमोहन सिंह इनके पहले देश के प्रधानमंत्री के तो जिस तरह पूरी दुनिया मंदी झेल रही थी वहीँ भारत मनमोहन सिंह के फैसलों और नीतियों से अर्थव्यवस्था और उदारीकरण से पटरी पर आरहा था !

वहीँ इन भाजपा समर्थकों का कहना है कि मनमोहन असफल थे और वो खुद से फैसले नहीं ले पाते थे ! ऐसे में मैं क्या ही कहूं बस इतना है कि इन लोगों को आंकड़े औ वास्तविकता से कोई मतलब ही नहीं है बस बेफिजूल बात करते हुए मोदी मोदी  करना है ! असलियत तो ये है कि मोदी ने देश को गर्त में पहुचाने का काम किया है !

अगर आज मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री होते तो क्या होता?

हाल के शासन में जिस तरह जीडीपी गिर रही,वनारस में जो हुआ,गोरखपुर में जो हुआ उस सबको लेकर जनता में भाजपा के प्रति खासा गुस्सा देखा जा रहा है ! ऐसे में बीबीसी ने जनता के सामने प्रश्न रखा अगर आज मनमोहन सिंह होते तो क्या कदम उठाते इन हालातों के लिए ! इन प्रश्न के जो जवाब मिले वो बड़े ही गजब के हैं ! देखिये क्या क्या कहा लोगों ने –

महताब अंसारी अपनी फेसबुक वाल पर लिखते हैं , “मनमोहन सिंह होते तो ‘मन की बात’ नहीं ‘मनमोहन की बात’ होती!”

शंभू शरण फेसबुक पर कहते हैं , “मनमोहन सिंह भारतीय इतिहास में एक ऐसे प्रधानमंत्री रहे हैं जो संतुलित थे! वो हाज़िरजवाब थे और उनकी टिप्पणियां भी मुंहतोड़ होती थी! वो बड़े ही सब्र से सबकी बात सुनते थे और चुपचाप अपना काम करते रहते थे. भगवान उन्हें लंबी उम्र दे!”

अभिषेक मौर्य इस बारे में अपनी राय रखते हुए कहते हैं कि वो बीएचयू पर तो कुछ नहीं करते, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था ऐसी बदतर हाल में नहीं होती वहीँ आलम का कहना है कि , “मनमोहन देश की जी़डीपी को ऊंचाइयों पर ले जाते! अरुण जेटली की तरह जीडीपी को गिरने नहीं देते.”

सुबोध बंसल ने कहा, “उन्हें दो बार देश की सेवा करने का मौका मिला और लोग उनके शासनकाल में भारत का बुरा हाल नहीं भूल सकते! दर्जनों घोटाले हुए, पर सरकार ने उस पर कुछ बोलना तक मुनासिब नहीं समझा! रुपये की गिरती कीमत और बढ़ती महंगाई, दुश्मन देश की ओर से लगातर होने वाली घुसपैठ ने भारत को शर्मसार कर दिया था!”

देवेंद्र कुमार ने ट्विटर पर कहा, “वो मनमोहन सिंह हैं! अगर वो प्रधानमंत्री होते तो देश की अर्थव्यस्था तेज़ गति से आगे बढ़ रही होती, वो नोटबंदी जैसा क़दम सपने में भी नहीं उठाते!”

मसान नाम के ट्विटर हैंडल से कहा गया, “यदि वे सत्ता में होते तो देश वाकई प्रगति कर रहा होता! बीएचयू में ऐसी नौबत न आती! 1992 में उन्होंने जैसे देश को डूबने से बचाया, वो अविस्मरणीय है!”

Source-http://www.bbc.com/hindi/social-41402604

--- ये खबर वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा लिखी गयी है वायरल इन इंडिया न्यूज़ पोर्टल के लिए

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