क्या सच में गुजरात के उप मुख्यमंत्री ने बीजेपी छोड़ने का फैसला कर लिया है ? जानिये पूरी कहानी

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हाल ही में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद रकय में विजय रुपानी को मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पाटीदार नेता नितिन पटेल को उप मुख्यमंत्री बनाया गया था।

लेकिन खबर सामने आई थी की नितिन पटेल बीजेपी से खुश नहीं है। हालांकि पटेल को दूसरी बार उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। मीडिया सूत्रों के मुताबिक अहम मंत्रालय नहीं मिलने से उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल नाराज़ बताये जा रहे हैं।

 

यहाँ तक की उनकी नाराजगी को लेकर कैबिनेट की पहली मीटिंग भी 4 घंटे देरी से शुरू हुई।  पिछली सरकार में उनके पास वित्त, शहरी विकास, उद्योग और राजस्व मंत्रालय था लेकिन इस बार वित्त मंत्रालय सौरभ पटेल को दे दिया गया है।

1. गुजरात के उपमुख्यमंत्री छोड़ रहे भाजपा

गौरतलब है कि हाल ही में हुए गुजरात चुनाव में बीजेपी ने 99 सीट जीती थी और कांग्रेस को 80 सीटों से संतोष करना पड़ा था, जीत के बाद बीजेपी ने विजय रूपाणी को मुख्यमंत्री और नितिन पटेल को उप मुख्यमंत्री चुना था।

अब खबर सामने आई है की नितिन पटेल बीजेपी का साथ छोड़ सकते हैं। कहा जा रहा था कि भाजपा द्वारा उप मुख्यमंत्री पद छोड़ने को कहने के बाद उन्होंने पार्टी ही छोड़ने का फैसला किया है।

2.  कांग्रेस से मिला सकते हैं हाथ

 

इस खबर के मुताबिक, भाजपा प्रमुख अमित शाह ने उनसे उपमुख्यमंत्री का पद छोड़ने को कहा था, जिसके चलते ऐसी कयासबाजी हो रही थी की नितिन पटेल इस्तीफे की मांग से बेहद दुखी थे और उन्होंने भाजपा छोड़ने का फैसला कर लिया।

कहा जा रहा था की वह कांग्रेस के साथ हाथ मिला सकते हैं। कुछ ही वक़्त में ये खबर सोशल मीडिया पर आग की तरह फ़ैल गई थी।

3. सोशल मीडिया पर नितिन पटेल ने किया खबर का खुलासा

लेकिन अब गुजरात के मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने खुद सोशल मीडिया पर आकर इस कयासबाजी पर स्पष्टीकरण दिया है कि ये सब खबरें आधारहीन हैं, इसके पीछे का मक्सद उनकी छवि खराब करना है।

उन्होंने कहा है की मेरी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है. मैंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत छात्र जीवन से ही भाजपा के साथ की थी और आगे भी मैं भाजपा में ही रहूंगा. पार्टी छोड़ने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता है।

4. गुजरात दंगों के बाद हारे थे चुनाव

आपको बता दें की गुजरात की राजनीति में लम्बा सफर तय करने वाले नितिन पटेल गुजरात दंगों के बाद के चुनाव हार गए थे बावजूद इसके, पार्टी में उनका कद पहले जैसा ही रहा और कई अहम पदों पर वह बने रहे। वर्ष 2016 में वह पहली बार उपमुख्यमंत्री बने थे।


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