जानिये उन घोटालो के बारे में जो भारत के उप रष्ट्रपति वैंकया नायडू द्वारा किये गये है

By:- Viral in India Team on

भारत के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का ज्यादा मीडिया में चर्चा नही रहता और अगर हाल ही में उन्हें मीडिया में याद किया गया तो वो भी अरुण शौरी के बदौलत | जिन्होंने सरे आम ये कह दिया की वेंकैया पढना लिखना नहीं जानते फिर भी अखबार में उनके लम्बे लम्बे लेख छापे जाते है | अरुण शौरी का ये एक ऐसा विडियो था जो काफी ज्यादा वायरल हुआ था

वेंकैया नायडू के अतीत में झांके में तो घोटालो की एक लम्बी फेहरिस्त मिलेगी जिनकी जानकारी नीचे दी गयी है |

#1. भूमि आवंटन घोटाला

साल 2004 में कुशाभाऊ ठाकरे मेमोरियल ट्रस्ट को आवंटित 6 अरब 67 करोड़ रुपए के जमीन आवंटन घोटाले के मुख्य आरोपी वेंकैया नायडू ही थे।  वंकैया नायडू ने राजधानी भोपाल के बावडियाकला स्थित कुशाभाऊ ठाकरे मेमोरियल ट्रस्ट नामक एक अपंजीकृत ट्रस्ट के नाम पर ट्रस्ट के रजिस्ट्रेशन के पूर्व ही मध्यप्रदेश सरकार से लगभग 30 एकड़ बेशकीमती भूमि आवंटित कराई गई थी, जिसका बाजार मूल्य करीब 6 अरब 67 करोड़ रूपये था।

यह बेशकीमती भूमि पहले तो एक अपंजीकृत ट्रस्ट के नाम सरकार ने पंजीयन के पूर्व ही 25 सितम्बर 2004 को आरक्षित कर दी थी और आरक्षण के बाद ट्रस्ट का पंजीयन प्रमाण- पत्र 24 दिसम्बर, 2004 को जारी हुआ। राज्य सरकार ने आवासीय एवं वृक्षारोपण हेतु आरक्षित इस भूमि का लैंडयूज बदलकर व्यवसायिक कर दिया था।

न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी और अशोक कुमार गांगुली की बेंच ने कहा था कि “आवंटन के मामले में, दुर्भाग्य से, उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच ने अनदेखी की, कि भूमि और आवंटन के आरक्षण की पूरी प्रक्रिया गंभीर अवैधता से भरा है और लेकिन राज्य के कार्यकर्ताओं के पक्षपात के पक्षपातपूर्ण कृत्य और रिट याचिका को खारिज कर दिया। ”

#2. भूमि जब्त घोटाला

तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री वेंकैया नायडू पर आंध्र प्रदेश में 4.95 एकड़ जमीन को हथियाने का भी आरोप है जो की ‘गरीब और निराश्रित’ के लिए थी | बाद में 17 अगस्त, 2002 को वेंकैया नायडू को 4.9 5 एकड़ भूमि, शर्मिंदगी और ‘गलत काम’ के चलते लौटानी पड़ी |

#3. स्वर्ण भारत ट्रस्ट घोटाला

20 जून, 2017 को, तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी को 2 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न आरोपों का भुगतान करने से श्री वेंकैया नायडू की बेटी दीपा वेंकट के स्वर्ण भारत ट्रस्ट से छूटने के लिए एक गुप्त आदेश जारी किया|

ऑर्डर के अनुसार, नेल्लोर में स्थित संगठन ‘स्वर्ण भारत ट्रस्ट’, जिसके लिए श्री नैयडू की बेटी दीपा वेंकट प्रबंध निदेशक हैं, उन्हें 2,20,76,922.38 रुपये के एचएमडीए से विकास शुल्क के लिए छूट दी गई है। शामशाबाद जिले के मच्छिन्टल गांव में 36,143.5 वर्ग मीटर की ऊंचाई पर निर्माण के लिए कुल साइट क्षेत्र, आनुपातिक लेआउट प्रभार, खुले स्थान शुल्क और समझौता शुल्क।

इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पूछा है कि क्या यह सच नहीं है कि तेलंगाना सरकार ने एक गुप्त आदेश पारित कर नायडू की बेटी को स्वर्ण भारत ट्रस्ट के 2 करोड़ से अधिक के शुल्क से मुक्त कर दिया? ट्रस्ट को ये शुल्क हैदराबाद मेट्रोपोलिटन डेवलपेंट अथॉरिटी को चुकाने थे। आखिर यह छूट किसलिए? पहले इस तरह की छूट का कोई उदाहरण नहीं रहा है।

#4. वाहन घोटाले

जुलाई 2014 में तेलगांना सरकार ने 271 करोड़ रुपये के वाहन खरीद का ऑर्डर दिया था। ये वाहन पुलिस विभाग के लिए खरीदे गए थे। जिन दो कंपनियों से ये वाहन खरीदे गए थे इनमें से एक नायडू के बेटे की और दूसरी तेलंगाना के मुख्यमंत्री के बेटे की थी।  खरीद का ऑर्डर बगैर किसी नियमों के पालन किए दिया गया था। ये आरोप कांग्रेस नेता जय राम रमेश ने उपराष्ट्रपति चुनाव के दौरान नायडू पर लगाये थे |

इन आरोपों का जवाब देते हुए नायडू ने कहा कि “कुछ लोग अदालत में गए और अदालत ने इसे खारिज कर दिया। मुझे सच में खेद है कि वे इस चुनाव में भी इस स्तर तक नीचे जा सकते हैं “। केन्द्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अनंत कुमार ने कहा कि जो कुछ भी आरोप लगाया गया है वह “निराधार और निराधार है।”

देखिये वीडियो:-

न्यूज़ सोर्स: http://gginews.in/forgotten-scams-vice-president-india-honorable-venkaiah-naidu/

--- ये खबर वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा लिखी गयी है वायरल इन इंडिया न्यूज़ पोर्टल के लिए

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