दंगों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने योगी को दिया झटका, योगी को भेजा नोटिस, देखें

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बीजेपी के फायर ब्रांड नेता और हिंदू युवा वाहिनी के अध्यक्ष योगी आदित्यनाथ को बीते साल बीजेपी द्वारा उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री घोषित किया गया है। योगी आदित्यनाथ एक ऐसे नेता हैं जिन पर हिंसा और दंगे भड़काने जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं। हिंदूवादी नेता के तौर पर जाने जाते योगी आदित्यनाथ अक्सर अपने बयानों के चलते विवादों में रहते हैं।

1. भड़काऊ बयान देने के लिए मशहूर हैं योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान मुस्लिम समुदाय के खिलाफ कई भड़काऊ बयान दिए थे। जिसके चलते कई बड़े विवाद हो चुके हैं। योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से सांसद रह चुके हैं और उनपर साल 2007 गोरखपुर दंगों के दौरान हिंसा भड़काने के गंभीर आरोप लग चुके हैं।

2. गोरखपुर में योगी की हेट स्पीच के बाद भड़के थे दंगे

योगी आदित्यनाथ पर आरोप है कि उन्होंने गोरखपुर में हुए दंगे के दौरान भड़काऊ स्पीच दी थी। गौरतलब है कि गोरखपुर दंगों में दो लोगों की मौत और कई लोग घायल हुए थे। इस मामले में योगी आदित्यनाथ समेत कई बीजेपी के नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी। लेकिन इलाहाबाद कोर्ट ने उन्हें रिहा कर दिया था।

3. सुप्रीम कोर्ट के निशाने पर आये सीएम योगी

इस मामले में सीएम योगी पर मुकदमा रद्द करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। जिसमें उन्होंने 11 साल पुराने गोरखपुर दंगे मामले में सीएम योगी सुप्रीम कोर्ट के निशाने पर आ गए हैं।

4. पूछा- क्यों नहीं चलना चाहिए योगी आदित्यनाथ पर केस

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर केस क्यों नहीं चलाया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के इस सवाल के चलते योगी सरकार चिंता में आ गई है। आपको बता दें कि साल 2008 में मोहम्मद असद हयात और परवेज़ ने गोरखपुर दंगों में एक शख्स की मौत के बाद सीबीआई जांच को लेकर इलाहबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

5. मुख्यमंत्री बनने के बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट ने किया योगी को रिहा

साल 2018 में यानी की योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी समेत आठ आरोपियों के खिलाफ केस चलाने की मांग वाली अर्जी को खारिज कर दिया था। जिसके बाद याचिकाकर्ता परवेज ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

निष्कर्ष:

इस देश के लिए इससे ज्यादा शर्मनाक बात क्या हो सकती है, जहाँ पर दंगा आरोपी राज्य के मुख्यमंत्री बन जाए।


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