अमित शाह समर्थकों में मचा कोहराम, शाह पे एक और मुकदमा दर्ज, जानीये क्या है पूरा मामला ? - वायरल इन इंडिया - Viral in India - NEWS, POLITICS, NARENDRA MODI

अमित शाह समर्थकों में मचा कोहराम, शाह पे एक और मुकदमा दर्ज, जानीये क्या है पूरा मामला ?

राजनीति चीज ही कुछ ऐसी है कि यहां हर समय कुछ अलह और दिलचस्प मोड़ आते रहते हैं। कौन किस तरह अपनी राजनीति चमकाने के लिए किस चीज का सहारा ले कुछ कहा नहीं जा सकता। कुछ ऐसा ही हाल हमारी देश की राजनीति का भी है। लगातार बयानबाजी करना, बयानों के लिए माफी मांगना, बयान वापस लेना और कभी तो इन सब पर अफसोस भी न जताना। आय दिन राजनीति में यही चलता रहता है।

पहले पीएम मोदी ने कांग्रेस सांसद की हंसी पर की थी टिप्पणी

अब हाल ही में राज्यसभा में हुए भाषण को ही ले लीजिए, दो दिन पहले पीएम मोदी ने कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी की हंसी की तुलना रामायण सीरियल की सूर्पणखा से कर दी थी। जिसके बाद मोदी का सदन में बोला गया यह वीडयो हर जगह वायरल होने लगा था। इसके बाद अब देश के युवाओ को पकौड़ा बेचने वाली राजनीति ने आग पकड़ ली है। जिसे लेकर हर कोई प्रतिक्रिया दे रहा है।

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का राज्यसभा में बयान

आपको बता दें कि हाल ही में 5 फरवरी को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पहली बार राज्यसभा में भाषण दिया था। अपने भाषण में शाह ने पीएम मोदी के इंटरव्यू में कही चर्चित पकौड़ा रोजगार के बयान का समर्थन करते हुए कहा था,

पकौड़ा बेचना शर्म की बात बिल्कुल नहीं है। अमित शाह ने राज्यसभा में कहा था कि मैं मानता हूं कि भीख मांगने से अच्छा है कि कोई चाय या पकौड़े बेचे आज चाय वाले का बेटा प्रधानमंत्री बना है।

सामाजिक कार्यकर्ता ने मुजफ्फरनगर कोर्ट में दायर की शिकायत

अमित शाह के इस बयान के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी ने मुजफ्फरनगर कोर्ट में शिकायत दायर की है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी( सीजेएम) हरि प्रसाद की कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 28 फरवरी को तय की है। हाशमी का कहना है कि, ‘सात फरवरी को कई टीवी चैनलों पर प्रसारित समाचार में अमित शाह को यह कहते हुए दिखाया गया कि बेरोजगार युवकों के पकौड़ना बेचने में बुराई नहीं है।’

हाशमी ने इस पर विचार रखते हुए कहा है, ‘शाह के इस बयान से नौजवानों में हीनभावना पनप रही है, पढ़े-लिखे युवाओं की भावनाओं को यह ठेस पहुंचाने वाला बयान है।’

कोर्ट ने दी सुनवाई की तारीख

तमन्ना हाशमी के अनुसार, अगर सरकार पढ़े-लिखे युवाओं को नौकरी नहीं देती तो कम से कम उनका मजाक तो न उड़ाए। सबसे बड़ा सवाल है कि क्या पकौड़े बेचने के लिए ही युवा पढ़ाई करते हैं। अमित शाह के इस बयान से नौकरी के लिए लाइन में लगे युवाओं में निराशा है।’ कोर्ट ने हाशमी की अर्जी स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई 28 फरवरी दी है।

Story Source : https://www.jansatta.com/rajya/complaint-bjps-national-president-amit-shah-muzaffarnagar-court/571894/

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