Video: कठुआ-उन्नाव रेप घटनाओं पर बीजेपी की महिला मंत्री स्मृति इरानी से जब पूछा गया तो देखिये क्या हुआ

शेयर करें

एक ओर जहाँ प्रधानमंत्री मोदी  ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का नारा देते हुए नहीं थकते वहीं उन्हीं की पार्टी के शासन वाले राज्यों में गैंगरेप की हाल ही में दो बड़ी घटनाओं ने ना सिर्फ देशवासियों को शर्मसार किया है बल्कि महिला सुरक्षा के दावों की पोल भी खोल दी है.

बीजेपी शासित राज्यों में हुई गैंगरेप जैसी जघन्य घटना

बता दें कि यूपी के उन्नाव गैंगरेप में तो बीजेपी का खुद का ही विधायक रेप और फिर पीड़ित के पिता की हत्या का मुख्य आरोपी है.

वहीं, दूसरी घटना जम्मू-कश्मीर के कठुआ से हैं जहाँ आठ साल की बच्ची के साथ गैंगरेप के बाद हत्या की जघन्य घटना पर बॉलीवुड समेत पूरा देश आक्रोश जता रहा है.

सोचने वाली बात हैं कि दोनों ही घटनाएँ जिस राज्य में हुई वहां दोनों जगह बीजेपी की खुद की सरकार है.

घटना पर महिला मंत्री स्मृति से नहीं बना कुछ भी बोलते 

सबसे हैरानी की बात इन घटनाओं के दौरान ये देखने को मिली कि महिला सुरक्षा के मुद्दे पर हमेशा मुखर रहने वालीं बीजेपी की कई जानी-मानी महिला मंत्री भी उन्नाव और कठुआ की घटनाओं को लेकर बैकफुट पर नजर आईं.

जी हाँ केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी को बीजेपी में मुखर और ओजस्वी वक्ताओं में गिना जाता है.

लेकिन हाल ही में एक मीडिया चैनल के पत्रकार ने कठुआ और उन्नाव में गैंगरेप की घटनाओं पर जब स्मृति ईरानी की प्रतिक्रिया जाननी चाही तो उन्होंने मौन रहना ही बेहतर समझा.

स्मृति के दोगले पन का वीडियो हो रहा हैं वायरल 

जब स्मृति इरानी सत्ता में नहीं थी तब कैसे बलात्कार का विरोध कर रही थी वो देखिये पहले-

देखिये वीडियो:-

अब देखो कैसे भागी इरानी 

देखिये वीडियो:-

पत्रकार के बार-बार सवाल पूछे जाने पर भी स्मृति ईरानी ने इन घटनाओं पर एक शब्द नहीं बोला और कार में बैठकर रवाना हो गईं.

अगर याद हो तो बीते साल अपने साथ छेड़छाड़ का आरोप लगते हुए स्मृति ने अपनी सुरक्षा बढ़वा ली थी.

स्मृति ने पुलिस को शिकायत दर्ज कर ये कहा था कि,

“गाड़ी से जाते समय कुछ लड़कों ने उनका पीछा किया.”

बेहद दुख की बात हैं कि ये वहीं महिला मंत्री साहिबा हैं जिन्होंने महज पीछा किये जाने पर लड़कों को जेल पहुंचा दिया था लेकिन अब जब उन्ही की सरकार वाले राज्यों में देश को शर्मसार करने वाली दो घटनाएँ हुई तो इसपर उन्होंने आवाज़ तो उठाना छोड़िये कुछ बोलना भी ठीक नहीं समझा.

निष्कर्ष

स्मृति ईरानी को शायद याद दिलाने की जरुरत हैं कि 2014 लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान बीजेपी की ओर से नारा दिया गया था- ‘बहुत हुआ महिलाओं पर अत्याचार, अबकी बार मोदी सरकार’.

इसके अलावा भी अगर याद हो तो निर्भया रेप केस पर आक्रोश जताने के लिए बीजेपी की ओर से तब ऐसी घटनाओं पर कांग्रेस को कोसने के लिए सड़कों पर जो बीजेपी महिला चेहरे उतरे उतरे थे वो अब उन्नाव और कठुआ जैसी घटनाओं पर चुप्पी साधे हुए है.


शेयर करें

अपनी प्रतिक्रिया नीचे कमेंट में छोड़े