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पिछले साल जुलाई में भारी बारिश के कारण असम-त्रिपुरा नेशनल हाइवे डैमेज हो गया था। यहां ट्रक नहीं पहुंच पा रहे थे। इस कारण त्रिपुरा में पेट्रोल की कीमत 300 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 150 रुपए तक पहुंच गई थी। असम-त्रिपुरा नेशनल हाइवे त्रिपुरा के लिए लाइफलाइन माना जाता है। उस दौरान सोशल मीडिया में एक झूठ फैलाया गया और वो भी बीजेपी के मीडिया सेल द्वारा l

पुष्पक चक्रवर्ती नाम के यूजर ने क्योरा अपने पिता के हवाले से बताया कि पीएम ने 21 जुलाई की रात 10 बजे त्रिपुरा के एक आईएएस अधिकारी को फोन किया। उन्होंने कहा कि एनएच 8 मामले में केंद्र ने असम और त्रिपुरा सरकारों से बात कर ली है। हमें बस सड़क रिपेयरिंग में आपकी मदद चाहिए। जो भी जरूरत होगी, मुहैया करवा दी जाएंगी। इसके बाद अगले चार दिन काम चला। कोरा पर डाली गई पोस्ट के अनुसार, पीएम मोदी ने आईएएस से लेट फोन करने के लिए माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि अभी मेरी मीटिंग नितिन गड़करी के साथ खत्म हुई है।

उन्हें हाईवे फिर शुरू करवाने में आपकी मदद लगेगी। पोस्ट में लिखा गया है कि इस फोन के बाद आईएएस रात भर सो नहीं सके। अगली सुबह जब वे ऑफिस पहुंचे तो असम, त्रिपुरा और केंद्र सरकार से उन्हें फोन आए और हाईवे की 15 किमी सड़क की मरम्मत के लिए फंड एलॉट हुए।

लेकिन कुछ समय बाद इकनोमिक टाइम्स के पत्रकार ने खबर छापी जिसमे ये दावा किया गया था की वहा के जिला कलेक्टर से जब ऐसी किसी कॉल के बारे में पुछा गया तो उन्होंने साफ़ मना कर दिया l इतना ही नहीं ऐसे किसी भी कॉल की कोई पुष्टि नही हुई l

 पत्रकार का ट्वीट

इस खबर को शेयर करते हुए पुष्पक लिखते है की “जब मैंने किसी भी ऑफिसर का नाम नहीं लिया तो ये खबर किस आधार पर छप सकती है l और मेरी इस जानकारी को कई बंगला भाषी अखबारों में छापा जा चूका का” पुष्पक की प्रोफाइल देखने के बाद पता लगा की वो बीजेपी के आईटी सेल से बिलोंग करते है l

--- ये खबर वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा लिखी गयी है वायरल इन इंडिया न्यूज़ पोर्टल के लिए

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