जानिये पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने नोटबंदी के फैसले पर “आरबीआई को शर्म आनी चाहिए” क्यों कहा

By:- Viral in India Team on

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पी चिंदम्बरम ने हाल ही में मोदी के नोटबंदी के फैसले को करारा तमाचा मारा है | पी चिदंबरम ने हाल ही में कई ट्वीटस के ज़रिये आरबीई के दावे को सिरे से खारिज किया जिसमे रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने कहा 500 रुपये और 1,000 रुपये के पुराने 99 फीसदी नोट वैधानिक तौर पर आरबीआई के पास लौट आए हैं |

प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने नोटबंदी का फैसला काला धन निकलवाने जैसे तमाम गंभीर मुद्दों को लेकर किया था जिसकी मार गरीब तबके से लेकर मिडिल क्लास लोगो को सही पड़ी | इस नोटबंदी के चलते कई कारोबार ठप्प हुए |

बहरहाल जिन मुद्दों को लक्षित कर के नोटबंदी लागू की गयी उस पर पी चिदंबरम ने गंभीर सवाल खड़े किये है |

जब आरबीआई ने गिनवाई उपलब्धि तब पी चिदंबरम ने कहा शर्म आनी चाहिए आरबीआई को

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने हाल ही में खुलासा किया की 500 रुपये और 1,000 रुपये के पुराने 99 फीसदी नोट वैधानिक तौर पर आरबीआई के पास लौट आए हैं जिस पर चिदंबरम ने कहा सिर्फ एक फीसदी प्रतिबंधित नोट वापस नहीं आ सके और आरबीआई के लिए यह शर्म की बात है |

चिदंबरम ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा की क्या ये निति काले धन को सफेद करने के लिए था | चिदंबरम कहते है “क्या नरेंद्र मोदी सरकार ने नोटबंदी का यह फैसला काले धन को सफेद करने के लिए लिया था?”

चिदंबरम के ट्वीट गौर करने वाले है

चिदंबरम ने कई ट्वीट किए, जिसमें उन्होंने कहा है कि आरबीआई के पास जितनी राशि वापस आई है, उससे कहीं अधिक लागत नए नोटों को छापने में लग गई | चिदंबरम ने ट्वीट किया, “प्रतिबंधित किए गए 1,544,000 करोड़ रुपयों में से सिर्फ 16,000 करोड़ रुपये के नोट वापस नहीं आए, जो कुल प्रतिबंधित राशि का एक फीसदी है | नोटबंदी की सिफारिश करने वाली आरबीआई के लिए यह शर्म की बात है|”

चिदंबरम ने ट्वीट किया, “प्रतिबंधित किए गए 1,544,000 करोड़ रुपयों में से सिर्फ 16,000 करोड़ रुपये के नोट वापस नहीं आए, जो कुल प्रतिबंधित राशि का एक फीसदी है | नोटबंदी की सिफारिश करने वाली आरबीआई के लिए यह शर्म की बात है|”

चिदंबरम ने व्यंग्य के अंदाज में कहा, “आरबीआई ने 16,000 करोड़ रुपये कमाए, लेकिन नए नोटों की छपाई में 21,000 करोड़ रुपये गंवाए! अर्थशास्त्रियों को नोबल पुरस्कार दिया जाना चाहिए.” उन्होंने अगले ट्वीट में कहा, “99 फीसदी नोट वैधानिक तौर पर बदले जा चुके हैं! क्या नोटबंदी काले धन को सफेद करने के लिए बनाई गई योजना थी.”

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी सालाना रपट में कहा गया है कि पिछले वित्त वर्ष में 1,000 रुपये के कुल 8.9 करोड़ नोट, जिसका मूल्य 8,900 करोड़ रुपये हैं, वह प्रणाली में वापस नहीं लौटा, जबकि उस समय प्रचलन में 1,000 रुपये के कुल 670 करोड़ नोट थे. इस तरह आठ नवंबर, 2016 को नोटबंदी की घोषणा के दौरान देश में प्रचलन में रहे 1,000 रुपये के 1.3 फीसदी नोट ही वापस नहीं आए हैं|

देखिये वीडियो:-

--- ये खबर वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा लिखी गयी है वायरल इन इंडिया न्यूज़ पोर्टल के लिए

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