नितिन पटेल के बाद अब ये मंत्री बना गुजरात भाजपा सरकार के लिए मुसीबत

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गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल के बाद अब विजय रुपाणी की सरकार के एक और मंत्री भी नाराज हो गए है। भावनगर से भाजपा के विधायक परषोत्तम सोलंकी रुपाणी सरकार में राज्यमंत्री है। आपको बता दें कि परषोत्तम एक कद्दावर कोली नेता हैं। मंगलवार को विजय रुपाणी के द्वारा औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद सोलंकी ने कोली समाज में नाराजगी का हवाला देकर अपनी नाराजगी जताई है।

कोली समाज की नाराजगी का हवाला

सोलंकी की इस नाराजगी के बाद वरिष्ठ कैबिनेट मिनिस्टर भूपेन्द्र सिंह चूडास्मा ने उनसे मुलाकात की है। चूडास्मा के हस्तक्षेप करने के बाद सोलंकी ने कहा कि मैं नाराज नहीं हूं। कोली समाज नाराज है। 45 सीटों पर कोली समाज का प्रभाव है। सोलंकी ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद 12-12 विभाग लिए हुए हैं। मेरा भी अच्छा सम्मान हो ताकि लोगों के साथ न्याय किया जा सके। जहां जाऊं, वहां मुझे इज्जत मिले, ऐसा प्रभावशाली विभाग मिलना चाहिए।

5 बार से विधायक फिर भी नहीं मिला अच्छा विभाग

सोलंकी ने आगे कहा कि मैं लगातार पांच बार से विधायक हूं। बावजूद इसके मुझे कोई अच्छा विभाग नहीं सौंपा गया है। हर बार सिर्फ मत्स्य उद्योग विभाग सौंप दिया जाता है। इसको लेकर कोली समाज बहुत नाराज है। विभाग आवंटन के बारे में मैं मुख्यमंत्री के सामने बात रखने गया था। लेकिन शुभकामनाएं देने वालों की भीड़ के चलते मुख्यमंत्री ने मुझे फोन कर बुलाने का आश्वासन दिया है।

उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल के विभाग को लेकर हाल ही में हुए हाई वॉल्टेज ड्रामे के बाद अब कोली समुदाय के दबंग नेता परषोत्तम सोलंकी अपने विभाग को लेकर मैदान में उतरे हुए हैं।

बन सकता है भाजपा का सिरदर्द

गुजरात में खासी आबादी वाले कोली समाज के भाजपा में प्रमुख चेहरे परषोत्तम सोलंकी का यह दबाव पिछली बार की 115 सीटों की तुलना में मात्र 99 सीटें लेकर सत्ता में आई पार्टी के लिए खासा सिरदर्द बन सकता है। अगर भाजपा आलाकमान नितिन पटेल की तरह उन्हें भी अतिरिक्त विभाग दे देता है तो कई और लोग भी ऐसे सवाल उठा सकते हैं और लगातार कई बार विधायक बन चुके भी मंत्री परिषद में शामिल नहीं होने के लिए अपनी आवाज उठा सकते हैं। अगर उन्हें विभाग नहीं मिलता है तो भी सरकार के लिए मुश्किलें पैदा हो सकती है।

वहीं भावनगर ग्राम्य सीट से जीते सोलंकी ने कहा कि इस बार भी उन्हें केवल एक ही विभाग दिया गया है जिसकी वजह से कोली समाज नाराज है। इस एक विभाग के जरिए वो केवल तटीय क्षेत्र के लोगों की सेवा ही कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने भी नितिन पटेल की तर्ज पर सीधे खुद के नाराज होने की बात नहीं कही है लेकिन यह कहा कि अगर उन्हें और कोई विभाग नहीं मिलता तो उनका समुदाय नाराज हो सकता हैै। गौरतलब है कि परषोत्तम सोलंकी ने उन्हें अब तक कैबिनेट मंत्री का दर्जा नहीं मिलने पर भी सवाल खड़े किए है।

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