भाजपा के बुरे दिन शुरू, सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी ने भी छोड़ा साथ - वायरल इन इंडिया - Viral in India - NEWS, POLITICS, NARENDRA MODI

भाजपा के बुरे दिन शुरू, सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी ने भी छोड़ा साथ

2019 में नहीं चलेगा मोदी मैजिक, नेताओं के बाद अब सहयोगी दल भी थाम रहे हैं कांग्रेस का हाथ

लोकसभा चुनाव के लिए अभी करीब एक साल का समय रह गया है। जिसके चलते राजनीतिक बिसात अभी से बिछने लगी है।

इस बार साल 2014 जैसा माहौल नहीं है, अब देश में मोदी लहर गायब होने लगी है। आने वाला समय बीजेपी के लिए काफी मुश्किल होने वाला है।

इस साल देश में कई राज्यों में चुनाव में होने वाले हैं वही जिसके लिए सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी तैयारी भी शुरु कर दी है।

हाल ही में देश में हुए उपचुनाव में बीजेपी को विपक्ष ने करारी शिकस्त दी है।

साल 2014 में देश में चला मोदी मैजिक अब खत्म होता जा रहा है। वहीँ दूसरी तरह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी की अगुवाई में पार्टी पहले से मजबूत होती जा रही है।

जोकि आने वाले विधानसभा चुनाव और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में एक बड़ा खतरा बनकर उभर रही है।

बीजेपी को मिल रहे एक के बाद एक नए झटके


इन चुनावों से पहले बीजेपी के लिए एक और बुरी खबर सामने आई है।

जहाँ बीजेपी के खिलाफ देश में विपक्षी दल एकजुट होकर सामने आ रहे हैं। वहीँ अब बीजेपी की सहयोगी पार्टियों ने उन्ही के खिलाफ बगावत कर दी है।

जिसके बाद बिहार में जेडीयू ने बीजेपी से अब सीटों को बढ़ाने की मांग करते हुए पार्टी कि मुश्किलें बढ़ा दी है.

जी हाँ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू की तरफ से लोकसभा की 40 में से 25 सीटों मांगे जाने के बाद अब राम विलास पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी यानी एलजेपी ने 7 सीटों की मांग रखी है।

महाराष्ट्र में बीजेपी से कन्नी काट रही हैं शिवसेना

अभी तक बीजेपी इस मुश्किल का समाधान निकाल भी नहीं पाई थी कि अब बीजेपी के लिए एक और बुरी खबर सामने आ रही है।

खबर हैं कि सालों से महाराष्ट्र में बीजेपी की सहयोगी पार्टी रही शिवसेना अब उनका साथ छोड़कर कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने जा रही है।

जिसका संकेत उन्होंने महाराष्ट्र के सांगली जिले की पलूस-कडेगांव विधानसभा सीट पर अपना उम्मीदवार न उतार कर दे दिया है।

शिवसेना ने एलान किया था की वह इस सीट पर कांग्रेस के प्रत्‍याशी विश्‍वजीत कदम के साथ खड़ी होगी और अपना प्रत्‍याशी मैदान में नहीं उतारेगी।

कांग्रेस को समर्थन देने जा रही हैं शिवसेना


आपको बता दें कि पलूस-कडेगांव की यह सीट 9  मार्च को कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता पतंगराव का निधन हो जाने के काराण से खाली हो गई थी।

कांग्रेस के पूर्व नेता पतंगराव का इस सीट पर काफी बोलबाला रहा है।

अब उनकी इस सीट से उनके बेटे ने चुनाव लड़ा था। जोकि निर्विरोध जीत चुका है।

इस मामले में शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने कांग्रेस नेता पतंगराव को श्रद्धांजलि भी दी है।

निष्कर्ष

जिस तरह बीजेपी की सहयोगी पार्टी कांग्रेस के पाले में नज़र आ रही हैं उससे कही न कही बीजेपी को 2019 में खतरा जरुर होने वाला है.

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