अब चाय वालों ने खोला नरेन्द्र मोदी के खिलाफ मोर्चा ?

देश में माहौल ऐसा है कि चाय वाला सुनते ही दिमाग में मोदी आता है ! खैर शब्द तो शब्द हैं और ऐसे कई शब्द हैं ! मसलन अब फेकू शब्द को लेलो और बताओ क्या आता है दिमाग में ! जाहिर सी बात है आपके दिमाग में भी बांकी लोगों की तरह प्रधानमंत्री मोदी का ही नाम आता होगा ! मोदी ने बड़ी ‘मेहनत’ से अपने आप को इस काबिल बनाया कि वो इकलौते ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिनका खुद के ही भाषणों को लेकर मजाक बनता है !

 

क्या कहा चाय वाले ने ?

अपने भाषणों में वो ऐसी लम्बी लम्बी फेंकते हैं कि ऐसी कला किसी दुसरे को आ ही नहीं सकती ! उनके इस फेंकने की बात को और उन्हें फेंकू घोषित करने में अमित शाह ने उनकी 15 लाख वाली बात को चुनावी जुमला बताकर और भी मजबूत किया है  !

सोशल मीडिया पर रोज ही फेंकने की वजह से मोदी मजाक के पात्र बने रहते हैं ! लोग मोदी का उनके फेंकने की वजह से ऐसे ऐसे मजाक बनाते हैं कि हंसी रूकती  ही नहीं!अगर कोई अपनी पत्नी को ये दिलासा देता है कि मैं तुम्हें छोडकर नहीं जाऊंगा तो कहता है कि पगली मैं कोई मोदी थोड़ी हूँ जो तुम्हें छोड़ जाऊंगा ! या फिर बच्चे अपने समूह में ज्यादा लम्बी लम्बी छोड़ने वाले बच्चे को मोदी कहके पुकारने लगे हैं !

ऐसे में मोदी की जो चाय वाली पहचान बनी है वो भी पीछे नहीं रह रही ! चाय वाले भी परेशां हैं ! लोग उन्हें मोदी के नाम से चिड़ाने लगे है कि भाई चाय सही बनाना नहीं तो कहीं मोदी की तरह कर दे और अब तो चाय वाले खुद ही मोदी का मजाक बनाने लगे हैं ! ऐसा इसलिए भी है कि जब मोदी ने चाय वाले को ही मजाक बना दिया तो बेहतरी इसी में है कि चाय वाले खुद ही मजाक बनाके अपनी इज्जत बचाए रहें !

चूंकि मोदी अपने किये हर वादे में असफल ही रहे हैं तो ऐसे में इनका मजाक ही बनेगा और तो कुछ बन वैसे भी नहीं सकता !

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