मोदी-शाह के पीछे पड़ा संघ, बिखर सकती है भाजपा

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भारत में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले संघ एक बार फिर बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार करने में जुट गया है। गौरतलब है कि आरएसएस और बीजेपी खुद को एक दूसरे से अलग जरूर बताते हैं लेकिन दोनों ही एक विचारधारा पर काम कर रहे हैं।

1. बीजेपी ने नाराज हुए संघ के कार्यकर्ता

हाल ही में खबर सामने आई थी कि केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी और उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के साथ संघ के कार्यकर्ता नाराज चल रहे हैं। इसी मामले में आरएसएस और बीजेपी ने लखनऊ में एक बैठक का आयोजन किया था।

2. बीजेपी और संघ की यूपी में हुई बैठक

संघ और बीजेपी के बीच हुई इस बैठक में आर एस एस ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी और सरकार में मतभेद बिल्कुल भी सही नहीं है। अधिकारियों की मनमानी सरकार के लिए उचित साबित नहीं होने वाली है। माना जा रहा है कि संघ जल्द ही कोई फैसला ले सकता है।

3. संघ ने बीजेपी और योगी सरकार को दिए कई सुझाव

आपको बता दें कि संघ और योगी सरकार में आने वाले समय में होने वाले बड़े बदलावों को लेकर बातचीत हुई है बीजेपी और योगी सरकार को संघ द्वारा कई सुझाव भी दिए गए हैं। माना जा रहा है जल्द ही पार्टी संगठन में युवा मोर्चा और महिला मोर्चा सहित कई खाली पदों को भरा जा सकता है।

4. योगी सरकार कई मंत्रियो के काम करने के तरीके से नाराज़

माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई मंत्रियों के कामकाज करने के तरीके से संतुष्ट नहीं हैं। हालांकि अभी तक उन्होंने सीधे तौर पर उन मंत्रियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। लेकिन कैबिनेट के 13 मंत्री पद खाली पड़े हैं। जिसे लेकर जल्द ही नई घोषणा की जा सकती है।

5. बीजेपी पर लगते हैं संघ की कठपुतली होने के आरोप

गौरतलब है कि बीजेपी पर अक्सर यह आरोप लगते रहे हैं कि वह आरएसएस के इशारे पर काम करती है। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी इस बारे में किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से बचते रहते हैं। जिसका मतलब साफ है कि बीजेपी और आरएसएस एक हैं।

निष्कर्ष:

गौरतलब है कि आरएसएस ने साल २०१४ में बीजेपी के लिए बढ़ चढ़ कर चुनाव प्रचार किया था। जिसके चलते बीजेपी आज सत्ता में है।


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