मोदी ने किया एक और फ़रेब, गैस सिलेंडर के नाम पर अब गरीब महिलाओं को दिया धोखा

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देश के प्रधानमंत्री अक्सर खुद को प्रधानसेवक और गरीबों का हिमायती बताते रहते हैं। अपने भाषणों में अक्सर पीएम मोदी कांग्रेस पर देश को लूटने का आरोप लगाकर बीजेपी को जनता का मसीहा बताने की कोशिश करती है। दरअसल 2014 के प्रचार के वक़्त पीएम मोदी ने देश की गरीब जनता, किसानों, युवाओं से कई वादे किए थे। लेकिन उनके सभी दावे और वादे जुमले साबित हो चुके हैं।

1. मोदी सरकार के एक और झूठ का पर्दाफाश

इस कड़ी में मोदी सरकार द्वारा गरीब लोगों की मदद करने के लिए शुरू की गई एक योजना की सच्चाई से पर्दा उठ चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने 1 मई 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया में उज्ज्वला योजना का शुभारंभ किया था। मोदी सरकार का कहना था कि वह इस योजना को बीपीएल धारी महिलाओं के स्वास्थ्य को बचाने के लिए शुरू कर रहे हैं।

लेकिन उज्ज्वला स्कीम के तहत गरीब महिलाओं को दिए गए गैस कनेक्शन जिसमें सिलेंडर और चूल्हा न तो फ्री है और न ही सिलेंडर पर (मार्च 2018 तक) सब्सिडी मिली है। चूल्हे और गैस सिलेंडर नाम पर मोदी सरकार सिर्फ रेगुलेटर फ्री में देती है।

2. उज्ज्वला योजना के नाम पर गरीबों से हुआ धोखा

सच्चाई ये है कि उज्ज्वला योजना के उपभोक्ताओं को पहले छह सिलेंडर बाजार दर पर खरीदने होते हैं जो 750 से 900 रुपये के बीच पड़ता है। आपको बता दें कि उज्ज्वला स्कीम के किसी भी उपभोक्ता को गैस कनेक्शन लेते ही कुल 1750 रुपये चुकाने पड़ते हैं। इनमें से 990 रुपये गैस चूल्हे के लिए जाते हैं जबकि 760 रुपये का पहला सिलेंडर आता है।

निष्कर्ष: मोदी सरकार ने इन चार सालों में लोगों को मूर्ख बनाने और हिंसा फैलाने का काम ही किया है। असल में ये सरकार देश के विकास के नाम पर अपना ही पेट भर रही है।


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