नोटबंदी के बाद “मोदी सरकार दोबारा तोड़ेगी गरीबों की कमर”, फैसले से पहले ही देश में मच गया बवाल

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मोदी सरकार को केंद्र में आए हुए करीब चार साल का वक्त हो गया है और तब से अब तक उनके द्वारा उठाए गये ज्यादातर क़दमों के चलते हर गरीब व्यक्ति परेशान हैं. फिर चाहे वो नोटबंदी का फ़ैसला हो या फिर GST., मोदी सरकार के इन सभी फ़ैसलों के चलते केवल अमीर वर्ग का ही फ़ायदा हुआ है. इस बात में भी कोई दो राय नहीं है कि भारत की जनता ने मोदी को प्रधानमंत्री बनाकर एक मौका दिया लेकिन शपथ लेने के बाद से ही अपने वायदों को भूलकर ये सरकार केवल विदेश की यात्रा के मज़े लेती और चर्चा बटौरती नजर आती है.

नोटबंदी और GST के बाद मोदी सरकार एक बार फिर तोड़ेगी गरीबों की कमर 

नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठने से पहले जो भी बड़े-बड़े सपने देश की जनता को दिखाए वो 4 साल बाद भी झूठे साबित होते दिखाई देते है. अगर याद हो तो साल 2016 में मोदी सरकार ने अचानक नोटबंदी का फैसला लेकर देश की जनता की कमर तोड़ दी थी, जिसके लिए उन्होंने अपने इस फैसलें को सही ठहराते हुए इसे देश की तरक्की से जोड़कर बताया था, लेकिन आज भी प्रधानमंत्री महज बात ही कर रहे हैं. अभी लोग नोटबंदी और GST की मार से निकल भी नई पाए थे कि अभी हाल ही में मोदी सरकार को लेकर एक खुलासा सामने आ गया है. जिसके अंतर्गत एक बार फिर देश की जनता के ऊपर अत्याचार करते हुए नरेंद्र मोदी नोटबंदी जैसा ही एक ओर दुर्भाग्यपूर्ण फैसला लेने जा रहे हैं.

जानिए आखिर इस बार क्या करने जा रहे है मोदी? 

नोटबंदी के बाद जैसा सबने देखा कि लोग अपने काम-धंधे छोड़कर बैंको की लम्बी-लम्बी लाइनों में लगने को मजबूर थे. जहाँ कई लोगों ने अपनी जान तक गवा दी थी. जिन लोगों को अपना पैसा बैंक में बदलवानें का मौका नहीं मिला उन्हें अपनी मेहनत की कमाई को जलाना पड़ा. ऐसे में अब एक बार फिर से मोदी सरकार “सिक्काबंदी” का एक ओर बड़ा फरमान सुनाने जा रही है. जिससे दोबारा केवल गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों को ही इसका दुष्परिणाम भुगतना पड़ेगा.

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सिक्काबंदी का दुष्प्रभाव केवल गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों पर पड़ेगा

दरअसल, केन्द्र सरकार नोटबंदी और GST के बाद अब ‘सिक्काबंदी’ करने की तैयारी कर रही हैं. जिसकी घोषणा जल्द खुद प्रधानमंत्री मोदी कर सकते हैं. इसके लिए ही आपको सुनकर शायद हैरानी होगी कि नोएडा, मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद जैसे कई बड़े शहरों में सिक्कों का प्रोडक्शन तक बंद कराया जा चूका है. जब इस बारे में मीडिया ने आरबीआई से पूछताछ की तो उन्होंने भी इस बात की पुष्टि करते हुए ये बताया कि बीते मंगलवार से ही केंद्र सरकार के आदेश के बाद सिक्को का प्रोडक्शन बंद कर दिया है. जिससे साफ़ है की जिन भी गरीब लोगों के पास सिक्के हैं, उन्हें बहुत ही जल्द मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.

मोदी के इस फैसलें की हो रही है आलोचना

वाकई जहाँ नोटबंदी के फैसले से अभी भारत देश उबरा भी नहीं था, तो ऐसे में अब  अचानक से मोदी सरकार का सिक्को संबंधी से फैसला केवल और केवल गरीब लोगों को प्रभावित करने वाला है. जो लोग पहले मोदी सरकार के नोटबंदी के फ़ैसले की पैरवी करते दिखाई दे रहे थे वो लोग ही अब इसे वक्त की बर्बादी बता रहे हैं.


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