भाजपा महिला विधायक ने मंदिर में की पूजा, पर पूजा के बाद लोग भड़के और गंगाजल से धोया मंदिर, पढ़ें

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हम राममंदिर बनवायेंगे ! आप समझ ही गयें होंगे की चुनाव से पहले जिनके मुहं पर राम मंदिर था वो अब राम मंदिर को मानो भूल ही गये हैं. खैर अगर भूलकर वो देश के लिए कुछ अच्छा करते तो हम सब्र भी कर लेते पर जब चुनाव आने लगते है तब इन्हें सब याद आता है.

जिस तरह बीजेपी मंदिर की बातें करती है तो लोगों की नजर में एक अच्छी पार्टी के रूप में नजर आने लगी थी. पर अब लोग इनकी राजनीति समझ चुके हैं और बहुत जल्द वो दिखा भी देंगे की मंदिर पर राजनीति करना कितना भारी पड़ सकता हैं.

1.मनीषा अनुरागी के पूजा करने के बाद मंदिर को गंगाजल से धोया गया

अब आप ही सोचिए की मंदिर में लाखों लोग जाते है तो क्या हर बार मंदिर को गंगाजल से धोया जाता है. नहीं ऐसा पहली बार हुआ है की किसी के पूजा करने के बाद मंदिर को शुद्ध किया गया है. आपको बता दूँ की हाल ही में यूपी के राठ में जब हमीरपुर की महिला भाजपा विधायक ने मंदिर में प्रेवश करके पूजा की उसके बाद लोगों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया है.

लोगों ने पूजा के बाद मंदिर को गंगाजल से धोया यहाँ तक की मूर्तियों को भी स्नान करवाकर दुबारा स्थापित किया गया. अब आप सोच सकते हो की जनता बीजेपी से कितनी तंग आ चुकी है. खैर यहाँ दो तरह की बातें हो रही है.

2.मीडिया दिखा रही है सिर्फ एक बात

आपको बता दू की इस मंदिर में जब महिला विधायक ने पूजा की तो बाहर बीजेपी मुर्दाबाद के नारे लगने लग गये थे. यहाँ तक की लोगों ने मनीषा को बाहर आने को भी कहा पर वो कहां मानने वाली थी, अपने सत्ता के घमंड में वो इतनी चूर थी की उन्होंने लोगों की भाव का भी ख्याल नहीं रखा.

आपको बता दूँ की यह मंदिर बहुत पुराना है और इसमें एक ध्रुम ऋषि की प्रतिमा भी है, यह महाभारत काल के बड़े ऋषि थे और बाल ब्रह्मचारी थे. ऐसे में किसी भी महिला का प्रवेश इस मंदिर में करना सख्त मना था. पर बीजेपी विधयाक ने लोगों की बात नहीं सुनी और वो अपना मंदिर प्रेम दिखाने के लिए मंदिर में चली गई.

3.पड़ेगा आकाल और लोगों की होगी अकाल मृत्यु

यहाँ के लोगों का कहना है की हमने मनीषा को रोकने की बहुत कोशिश की पर वो है की मानने को तैयार ही नहीं थी. यहाँ तक की पुजारी ने भी उन्हें रोकना चाहा पर उन्होंने अपनी सत्ता का घमंड दिखाते हुए जबरदस्ती मंदिर में पूजा की.

लोगों के अनुसार जब भी इस मंदिर में कोई महिला दर्शन करती है तो आकाल पड़ता है और लोगों की अकाल मृत्यु होती है. यहाँ महिलाओं को बाहर से ही दर्शन करने की अनुमति है पर मनीषा ने इस बात को माना ही नहीं.

निष्कर्ष: किसी की भावनाओ को आहत करना बीजेपी के लिए बहुत आसान है, यह कभी मंदिर की और संस्कार की बात करते हैं तो कभी किसी मंदिर में बिना आज्ञा के घुस जाते हैं. ऐसा पहली बार नहीं हुआ है बहुत बार ऐसा होता है पर मीडिया खबरों को छुपा लेती है.


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