इस बड़े देश ने खोली PM मोदी की पोल, जिसे सुनकर मुस्लिम हो जाएंगे मोदी से नाराज

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बीजेपी के सत्ता में आते ही भारत के अपने पड़ोसी देशों से रिश्ते खराब होते जा रहे हैं फिर चाहे वो पाक, चीन हो या फिर मालदीव. भारत के साथ बिगड़ते रिश्तों के बाद से ही मालदीव एक के बाद एक भारत विरोधी कार्य कर रहा है. इस कड़ी में इस देश के एक बड़े अखबार ने भारत विरोधी तीखी टिप्पणी देखाते हुए राजनीतिक भूचाल ला दिया है. जानकारी के लिए बता दें कि मालदीव के एक अखबार के संपादकीय में भारत को अपना सबसे बड़ा दुश्मन बताया है.

मालदीव ने बताया मोदी को मुस्लिम विरोधी

इतना ही नहीं इस अखबार के द्वारा मालदीव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तीखी टिप्पणी करते हुए उन्हें मुस्लिम विरोधी बताया है. ये खबर भारत के लिए चिंता का विषय इसलिए भी है क्योंकि मालदीव की स्थानीय भाषा धिवेही में लिखे इस संपादकीय में जहाँ उसने भारत को अपना दुश्मन बताया है तो वहीं चीन को मालदीव का नया और सबसे अच्छा दोस्त करार दिया है.

मोदी सरकार को इस विषय पर विचार करने की जरुरत इसलिए भी है क्योंकि भारत के खिलाफ यह गंभीर टिप्पणी मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन के मुखपत्र में छपी है और इसे प्रकाशिकत होने से पहले राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा मंजूरी भी दी गई है.

मालदीव ने दी भारत को चेतावनी

इस टिप्पणी से जहाँ मोदी सरकार परेशान है वहीं मालदीव की राजनीति में भी इसको लेकर हलचल तेज हो गई है. वहां की विपक्षी पार्टी मालदीव डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) का इस विषय में कहना है कि “राष्ट्रपति यामीन के इस कदम के बाद भारत को अलर्ट हो जाना चाहिए.” एमडीपी नेता और मालदीव के पूर्व विदेश मंत्री अहमद नसीम ने टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार से बातचीत करते हुए बताया कि “इस तरह के संपादकीय चीन को खुश करने के मकसद से लिखे जा रहे हैं जो दोनों ही देशों के हित में नहीं हैं.” उन्होंने ये बात भी मानी कि “भारत के साथ अच्छे संबंधों में ही दोनों देशों का हित है.”

मालदीव ने लगाए भारत सरकार पर कई बड़े आरोप

जानकारी के लिए बता दें कि मालदीव अखबार के संपादकीय में साफ़ तौर पर भारत पर आरोप लगाते हुए इस बात का दावा किया गया है कि “भारत और श्रीलंका मालदीव में यमन सरकार के खिलाफ तख्ता पलट की साजिश रच रहे हैं.” अखबार द्वारा मालदीव सरकार ने भारत पर कश्मीर और श्रीलंका में अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने का भी बड़ा आरोप लगाया है.

प्रधानमंत्री मोदी ने नहीं की है अभी तक मालदीव की एक भी यात्रा

गौरतलब है कि जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकारी ख़जाने पर विदेशों से रिश्ते सुधारने के लिए आए दिन यात्रा करते रहते हैं, वहीं उन्होंने 4 सालों में अभी तक मालदीव से अपने बिगड़ते रिश्तों को सुधारने के लिए एक भी यात्रा नहीं की है. ऐसे में मालदीव अखबार की इस टिप्पणी पर अब भारत भी प्रधानमंत्री को उन्ही की नीति याद दिला रहा है.


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